झांसी। आंखें जिसे देख रही थीं, दिमाग उसे मानने को तैयार नहीं था। कुछ ऐसी ही भ्रम और करिश्मों से भरा है जादूगर ओ पी शर्मा का जादुई मायाजाल। सबकी नजरों के सामने मंच पर खड़ी ‘स्टैच्यू आफ लिबर्टी’ को पलक झपकते गायब कर देना, तलवारों की सेज पर लेटी लड़की के पेट में नुकीला भाला आर-पार कर कर देना। यह सारे हैरतअंगेज कारनामे किला मार्ग पर स्थित पंडित दीनदयाल सभागार में शुरू हुए जादुई शो में देखने को मिल रहे हैं।
शुक्रवार को जादूगर ओ पी शर्मा सीनियर एवं जूनियर के नवीनतम जादुई चमत्कारों से भरे जादुई शो का उद्घाटन मुख्य अतिथि महापौर किरण राजू बुकसेलर व सदर विधायक रवि शर्मा ने मशाल जला कर किया। जादूगर ने पल भर में जलती मशाल को शांति और सद्भावना के प्रतीक सफेद कबूतर में बदल दिया, जिसे अतिथियों ने उड़ाकर शांति व सद्भावना का संदेश दिया। इस मौकेे पर महापौर ने कहा कि हर उम्र के लोग जादू पसंद करते हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वह इस रोमांचक शो को अवश्य देखने जाएं।
सदर विधायक ने कहा कि यह कला विलुप्त होने के कगार पर है। ओ पी शर्मा जैसे जादूगर इस विधा से भारत का नाम पूरे विश्व में रोशन कर रहे हैं। शो में रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े पहलू हैं। हंसी मजाक भी है। एक जादूई प्रदर्शन के लिए दो- तीन छोटे बच्चों को मंच पर बुलाया तो बच्चों की पूरी फौज एकत्रित हो गई। उनमें से एक बच्चे से पूछा गया कि बड़े होकर क्या करोगे? जवाब था शादी करेंगे।
शादी के बाद क्या करोगे? तो जवाब आया बच्चे पैदा करेंगे। एक शो में नौजवानों को सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने का संदेश दिया गया। एक अन्य शो में जादू और अध्यात्म के सहारे जादूगर को हवा में ऊपर उठते देख दर्शक भक्तिभाव में लीन हो गए। जादू के माध्यम से बताया गया कि कैसे विज्ञान का सहारा लेकर ढोंगी साधु आम लोगों को ठगते हैं और अपना उल्लू सीधा कर लेते हैं।
शो में सीनियर और जूनियर दोनों जादूगरों की जुगलबंदी भी काबिले तारीफ है। एक ने खाली घड़े से पांच लड़कियों को निकाला तो दूसरे ने आग के शोलों से तीन लड़कियों को निकाला।