Principal Secretary, jhansi news
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झांसी। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अरविंद कुमार ने जिला अस्पताल की मशीनों को देखकर कहा कि मशीनें अच्छी हैं, लेकिन इनका उपयोग भी होना चाहिए। जिला अस्पताल में मशीनों से कम जांचें किए जाने का मामला सामने आने पर वह खफा दिखे। डिटिजल एक्सरे मशीन को देखकर उन्होंने कहा कि अभी तक इस मशीन से जितने एक्सरे हुए हैं, उतने तो एक दिन में ही हो जाने चाहिए थे।
रविवार सुबह करीब 8:40 पर प्रमुख सचिव जिला अस्पताल में दाखिल हुए। उन्होंने सबसे पहले निर्माणाधीन बर्न यूनिट की जानकारी ली। प्रमुख सचिव ने पूछा कि निर्माण कार्य कब तक पूरा होगा, इस पर सीएमएस बोले छह माह और लग जाएंगे। फिर प्रमुख सचिव ने हर्ट सेंटर जाकर विस्तर और मरीजों की जानकारी ली। वह सिविल रूम भी गए। ऑर्थो ओटी में उन्होंने शू कवर मशीन लगवाने के निर्देश दिए। जनरल ओटी का भी प्रमुख सचिव ने जायजा लिया।
वार्डों में जाकर उन्होंने सफाई व्यवस्था देखी। सफाई से वह संतुष्ट दिखे। मरीजों से बातचीत कर उनका हाल भी जाना। टीबी यूनिट में सीबी नेट मशीन है या नहीं इसके बारे में जब उन्होंने पूछा तो अस्पताल प्रशासन के एक अधिकारी ने पहले न होने की बात कह दी, फिर किसी ने जानकारी कर बताया कि यह मशीन अस्पताल में है। विभिन्न विभागों का निरीक्षण करने के बाद जब प्रमुख सचिव एक्सरे विभाग पहुंचे तो उन्होंने पहले नॉर्मल एक्सरे फिर डिजिटल एक्सरे मशीन का जायजा लिया।
डिजिटल एक्सरे मशीन के इंस्टालेशन के बाद से अब तक हुई जांचों की संख्या जब प्रमुख सचिव ने पूछी तो जवाब आया 65। प्रमुख सचिव बोले, बस। इतने एक्सरे तो एक दिन में हो जाने चाहिए। जब प्रतिदिन सिटी स्कैन की संख्या पूछी, तब बताया गया कि तीन से चार सिटी स्कैन हो जाते हैं। इस पर प्रमुख सचिव खफा हो गए। इसी बीच अस्पताल के एक अधिकारी बोले कि मशीनें अच्छी चल रही हैं। तब
प्रमुख सचिव ने कहा कि मशीनें अच्छी हैं मगर इनका उपयोग भी तो हो। प्रमुख सचिव ने कहा कि फिल्मों की चिंता न करते हुए अधिक से अधिक एक्सरे आदि कराए जाएं। बजट की कमी आड़े नहीं आने दी जाएगी। इस दौरान सीएमओ डॉ. विनोद कुमार यादव, सीएमएस डॉ. रमेश चंद्रा मौजूद रहे।