झांसी। रेलवे स्टेशन पर बोतलों में बिकने वाले पानी की धांधली पर रोक लगाने के लिए अब क्रशर मशीनें लगेंगी। स्टेशन पर पानी की खाली बोतलों को तुरंत नष्ट किया जाएगा। इससे खाली बोतलों में दोबारा पानी भरकर यात्रियों को नहीं दिया जा सकेगा। रविवार को स्टेशन पर दो मशीनें पहुंच चुकी हैं। 2 अक्तूबर को इस व्यवस्था की शुरुआत होगी। प्रतिदिन लगभग दो सौ से अधिक बोतलों को नष्ट करने की तैयारी है।
स्टेशन के प्लेटफार्म, पटरियों व ट्र्रेनों में पानी की खाली बोतलों में पानी भरकर कई लोग फिर से बेच देते हैं। बोतल का पानी साफ दिखाई तो देता है, लेकिन उसमें संक्रमण का खतरा बना रहता है। यह जानकारी अफसरों को भी है। इसे देखते हुए रेलवे स्टेशन, ट्रेनों में खाली होने वाली पानी की बोतलों को नष्ट करने के लिए दो मशीनें लगाने का निर्णय लिया गया है। मशीन में खाली बोतल को डाला जाएगा। एक मिनट में प्लास्टिक की बोतल छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट जाएगी। मंडल वाणिज्य प्रबंधक निखिल शुक्ला ने बताया कि मशीन से बोतल नष्ट होने के बाद उसका दोबारा उपयोग नहीं हो सकेगा। झांसी के बाद जल्द ही ये मशीनें ग्वालियर, ललितपुर समेत अन्य छोटे स्टेशनों पर भी लगेंगी। मशीन का संचालन व देखरेख ठेके वाले कर्मी करेंगे। वे लोगों को मशीन में खाली बोतल डालने के लिए भी प्रेरित करेंगे।
प्रदूषण मुक्त होगा स्टेशन
रेलवे ने सफाई व्यवस्था के तहत हर प्लेटफार्म पर कूड़ेदान का इंतजाम किया है। वहां चाय, कॉफी के डिस्पोजल समेत अन्य रैपर व कचरा को एकत्र किया जाता है। कूड़ेदान में पानी की बोतल अधिक जगह घेर लेती हैं। मशीन की उपयोगिता बढ़ने से कूड़ेदान में केवल छोटे-छोटे कचरा व डिस्पोजल ही एकत्र किया जाएगा। रेलवे ट्रैक के आसपास पानी की बोतल नजर नहीं आएंगी। इससे काफी हद तक प्रदूषण को भी रोका जा सकेगा।