सनातन धर्म में गुरु पूर्णिमा का पर्व भक्ति भाव से मनाया जाता है। आश्रमों एवं धर्मस्थलों में शिष्य अपने गुरुजनों की विधिवत पूजा अर्चना करते हैं और जगह - जगह भंडारे कराते हैं। इस बार पर्व पर चंद्रग्रहण रहेगा। लेकिन धार्मिक एवं ज्योतिष विद्वान इसे उपच्छाया ग्रहण बता रहे हैं। इनका मानना है कि इसका कोई धार्मिक महत्व नहीं है। यह भारत सहित कई अन्य पडोसी देशों में नजर नहीं आएगा। यह ग्रहण सुबह 8:37 बजे से शुरू होगा, जो 11:22 बजे तक रहेगा। महंत विष्णु दत्त स्वामी के अनुसार इस ग्रहण का धार्मिक दृष्टि से कोई महत्व नहीं है। ज्योतिषविद डा. नाथूराम पांडेय के अनुसार चंद्रमा धनु राशि में पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेगा। उल्लेखनीय है कि पांच जून को भी उपच्छाया चंद्र ग्रहण पड़ा था।