संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। हजारों करोड़ रुपये ठगने वाली चिटफंड कंपनी एलयूसीसी के कारनामों की परत अब एसआईटी खोलेगी। एसपी ने सीओ के नेतृत्व में एसआईटी गठित करते हुए घोटाले में शामिल लोगों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
एलयूसीसी से जुड़े लोगों ने आम लोगों को कम समय में धन दोगुना करने का लालच देकर हजारों करोड़ रुपये जमा कराया था। चिटफंड कंपनी एलयूसीसी के खिलाफ कई थानों में डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे पंजीकृत किए गए थे। एसपी ने जांच-पड़ताल के लिए एसआईटी का गठन किया था। टीम ने मुख्य संचालकों सहित 24 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी केस दर्जकर मुकदमों के वादियों को साक्ष्य और दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए बुलावा पत्र भेजा था। अब पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने सीओ तालबेहट के नेतृत्व में एक और एसआईटी गठित की है। एसपी ने एलयूसीसी के जरिये आम लोगों को ठगने वालों को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। एसआईटी ने चिटफंड कंपनी के खिलाफ साक्ष्य, अर्जित की गई चल-अचल संपत्ति सहित अन्य जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है।
दुबई में है मुख्य संचालक समीर अग्रवाल : आठ राज्यों और 22 जनपदों में चिटफंड कंपनी के जरिये लोगों से धोखाधड़ी करने वाला कंपनी का मुख्य संचालक समीर अग्रवाल दुबई में बैठा है। उसकी गिरफ्तारी पर डीआईजी झांसी ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। समीर अग्रवाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने डीजीपी के माध्यम से सीबीआई को पत्र भेजा है। समीर अग्रवाल के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है।
वर्जन
चिटफंड कंपनी एलयूसीसी के घोटाले की जांच करने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। सीओ तालबेहट के नेतृत्व में गठित टीम घोटाले की तह तक जाएगी। आमलोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। - मोहम्मद मुश्ताक, एसपी