फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्यार में पागल जोड़े ने पहले ही कर लिया था मरने का इरादा

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। बुधवार को जहर खाकर जान देने वाले प्रेमी युगल ने साथ जीने और मरने की कसमें खाईं थीं। अपनी इस कसम को पूरा करने की उन्होंने पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी थी। पुलिस द्वारा कस्टडी में लिए जाने के बाद उन्हें लगने लगा था कि अब वे एक-दूसरे से जुदा हो जाएंगे। अपनी कसम को पूरा करने के लिए दोनों ने जहर खा लिया। बताया जाता है कि दोनों ने अपने परिवार वालों से कह दिया था कि वह साथ जी नहीं पाएंगे तो साथ मर जाएंगे।
विज्ञापन

ललितपुर के जखौरा थाना इलाके के ग्राम बूंचा निवासी सुखदेव का पुत्र संतोष (20) पढ़ाई के लिए महोबा गया था और वहीं रहकर वो अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था। इसी दरम्यान उसकी दोस्ती अपने से जूनियर एक नाबालिग लड़की से हो गई। धीरे-धीरे दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई। मुहब्बत के परवान चढ़ने पर दोनों ने साथ जीने और मरने की कसमें खा लीं। इसी बीच कोरोना काल में शिक्षण संस्थान बंद हो गए। ऐसे में संतोष को अपने गांव वापस लौटना पड़ा। लेकिन, दोनों के बीच की ये जुदाई ज्यादा दिनों तक चल नहीं पाई। मौका पाकर संतोष लड़की को भगाकर अपने गांव ले आया। वहीं, लड़की के परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और सूचना स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस ने लड़की का मोबाइल सर्विलांस पर लगा दिया। पहले तो लड़की का फोन लगातार बंद आता रहा। लेकिन, एक बार फोन चालू हुआ, इनमें पुलिस को उसकी लोकेशन पता चल गई। महोबा पुलिस बुधवार को दोनों को लेने लड़के के गांव बूंचा पहुंची। पहले तो दोनों ने बचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की घेराबंदी से वे बच नहीं सके। इसी दरम्यान दोनों ने अपने-अपने पास विषाक्त पदार्थ छुपा लिया। पुलिस द्वारा कस्टडी में लिए जाने के बाद से वे लगातार मौका पाकर जहर खाने की फिराक में थे, लेकिन ये अवसर उन्हें तालबेहट में मिल पाया। बताया जाता है कि पुलिस जीप में यहां चुपके से दोनों ने अपने साथ लाई हुई पुड़िया से विषाक्त पदार्थ निकालकर खा लिया। हालत बिगड़ने पर पुलिस को इसकी भनक लगी। पुड़िया देखकर पुलिस को समझने में देर नहीं लगी। आनन-फानन में पुलिस टीम ने उन्हें नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची, जहां से उन्हें मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया।
तालबेहट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के ऑन ड्यूटी चिकित्सक डा. अभिषेक नामदेव ने बताया कि दोनों को पुलिस कस्टडी में यहां लाया गया था, उन्होंने विषाक्त पदार्थ का सेवन किया था। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज झांसी के लिए रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें