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खुद से प्यार तो खुशियां बेशुमार
- देर न करें, जीवन के इस सबक की करें शुरुआत
- खुद को बिल्कुल बेकार समझने की सोच गलत
प्रशांत शर्मा
झांसी। अगर आपको खुद से ही प्यार नहीं हैं तो आप किसी दूसरे व्यक्ति से प्यार नहीं कर सकते। विशेषज्ञों के अनुसार अगर आप अपने सपनों से प्यार नहीं करते हैं, तो फिर आप समाज के लिए कुछ करने का भाव नहीं रख सकते। ऐसे में प्यार की पाठशाला खुद से ही शुरू होकर परिवार और फिर समाज तक जाती है। अगर आपने अब तक इस दिशा में सोचा नहीं है तो जीवन के इस सबक की शुरुआत आप इसी वेलंटाइन वीक के साथ कर सकते हैं।
खुद से प्यार करो सिर्फ कहने की बात नहीं है। बल्कि यह खुशहाल जिंदगी जीने का एक खूबसूरत रास्ता है। कई लोग होते हैं जो खुद को बेकार समझते हैं। उन्हें यही लगता है कि उनसे कुछ नहीं हो पाएगा। कुछ गलत हो जाए तो वो खुद को जिम्मेदार ठहराते हैं। उनके मन में खुद के लिए इतनी नकारात्मकता इसलिए हैं क्योंकि वो खुद से प्यार नहीं करते हैं।
वहीं कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा महत्व खुद को ही देते हैं। उन्हें अपने आगे कोई नजर नहीं आता है। उन्हें सिर्फ अपनी खुशी से मतलब है। ये वो लोग होते हैं, जो खुद से कुछ ज्यादा ही प्यार करते हैं। अपने आप से इतना ज्यादा प्यार भी हानिकारक है। लेकिन कुछ हद तक अपने लिए अच्छी भावनाएं रखना बहुत जरूरी है। कई शोध में भी साबित हो चुका है कि अपने आप से थोड़ा प्यार कर लेने से कई फायदे होते हैं। मनोचिकित्सक डॉ. अमन किशोर ने बताया कि खुद से प्यार करने वाले लोग सकारात्मक होते हैं। ऐसे लोग विपरीत समय में भी खुशी और मजबूती से सामना करेंगे तो बड़ी से बड़ी परेशानी से बाहर निकल आएंगे। उन्होंने बताया कि जो लोग खुद से प्यार नहीं करते हैं, उनमें नकारात्मकता ज्यादा होती है और वो परेशान रहते हैं।
व्यायाम, योगा से आ सकता बदलाव
डॉ. अमन ने बताया कि सकारात्मकता लाने के लिए व्यायाम, योगा, मेडिटेशन जरूरी होता है। इसकी मदद से लोग खुद के जीवन में बदलाव ला सकते हैं। इसके अलावा बुरी संगत और यदि नशे के लती हैं, तो इसे छोड़कर भी जीवन को खुशहाल बना सकते हैं।
खुद से प्यार करने के फायदे
- प्रदर्शन में सुधार
- खत्म होता हार का डर
- कमियों के साथ भी रहते सहज
- तनाव होता है कम
- रिश्ते होते हैं बेहतर
- स्वास्थ्य में होता है सुधार
- दूसरों से भी मिलता है प्यार
स्वस्थ रहेंगे तो दूसरों की मदद कर सकेंगे
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के डॉ. एनएस सेंगर ने बताया कि भगवान के प्रति आस्था और पारिवारिक माहौल की वजह से शुरुआत से ही सकारात्मकता रही। परिवार, दोस्त और समाज के प्रति कुछ करने की सोच हमेशा से मन में रही। उन्होंने कहा कि दूसरों की मदद करने के लिए पहले खुद को स्वस्थ रखना जरूरी होता है।
डॉ. सेंगर ने बताया कि लोग हमेशा उन्हें पसंद करें, इसी सोच के साथ जीवन जीते आ रहे हैं। उनकी सोच रहती है कि वह दूसरों के किसी काम आ सकें। जब प्राचार्य बनकर लोगों की सेवा करने का मौका मिला, तब भी नियमित ओपीडी में मरीज देखना और लेक्चर लेकर छात्रों को पढ़ाना जारी रखा। उन्होंने बताया कि खुद को स्वस्थ रखने के लिए वह रात में नियमित व्यायाम करते हैं। पौधरोपण करने का शौक है। ये सब कर वह खुद में सकारात्मकता बरकरार रख पाते हैं। उन्होंने कहा कि खुश रहने से तो कई बीमारियां तक दूर हो जाती हैं। इसलिए हर व्यक्ति को सकारात्मक और प्रसन्न रहना चाहिए।
योग है मेरा प्यार, रखता है फिट
झांसी। योग प्रशिक्षक योगेश गुप्ता का कहना है कि योग शरीर को निरोगी और चुस्त-दुरुस्त रखता है। बचपन में ही उनका योग के प्रति प्रेम जागा। इसके सीखने की ऐसी धुन लगी कि यूपी फेडरेशन ऑफ योगा द्वारा लखनऊ में हुए सेंट्रल जोन टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक जीत लिया। इसके प्रसार के लिए अब दूसरों को भी योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
20 वर्षीय योगेश ने बताया कि योग करने से शरीर हल्का हो जाता है। उन्होंने खुद योग के बहुत फायदे महसूस किए हैं। इससे सकारात्मकता आती है। यह बुरी आदतों को बदल देता है, जैसे दिनभर कुर्सी पर बैठे रहना, व्यायाम न करना, गलत खानपान आदि। तनावपूर्ण समाज में खुद को स्वस्थ रखने के लिए भी योग महत्वपूर्ण है। इसके अलावा योग के कई आध्यात्मिक फायदे भी हैं। उन्होंने कहा कि यदि आप खुद से प्यार करते हैं तो योग जरूर करना चाहिए। वह आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी फ्री में योगा सिखाते हैं। समय-समय पर नि:शुल्क शिविर लगाकर प्रशिक्षण देने के अलावा इसके फायदे बताते हैं।