झांसी। तापमान 43 डिग्री के पार जा रहा है। धूप की तपिश के चलते आदमी भरी दोपहरी घर से बाहर नहीं निकल रहा, सुबह से लेकर देर शाम तक प्रचंड धूप लोगों को झुलसा रही है। लोग चक्कर खाकर गिर रहे हैं, अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही। जरा सोचिए...इस गर्मी मेंं उन बेजुबान गोवंशों की हालत क्या होगी, जो पूरा दिन धूप में तप रहे हैं, उन्हें क्षण भर की छांव तो छोड़िए ठीक से खाना-पानी तक नसीब नहीं है। तेज गर्मी और धूप में गोवंश सड़क पर दम तोड़ रहे हैं, हालात ये हैं कि मर चुके गोवंश को खुले मैदान में कुत्ते नोंच रहे हैं लेकिन इन अन्ना जानवरों को बचाने वाले पता नहीं कहां एसी और कूलर की हवा खा रहे हैं। ये दयनीय स्थिति सिर्फ सड़कों पर घूम रहे गोवंशों की ही नहीं है, जिन्हें गोशालाओं में रखा गया है वह भी दिन भर धूप की तपिश से बेदम हो रहे हैं। इन्हें 24 घंटे में एक बार चारा-पानी मिल जाए तो उनका अच्छा नसीब समझिए, लेकिन इनकी दुर्दशा कैसे हो रही है, ये हम आपको दिखा रहे...।
बुधवार को अमर उजाला ने शहर के आसपास कुछ गोशालाओं और अन्ना जानवरों की स्थिति देखी तो पता चला कि ये बेजुबान गोशाला में जहां-तहां छांव ढूंढते फिरते हैं...। इन्हें भूख लगे तो बचा-कुचा चारा और प्यास लगे तो गर्मी में हौद में भरा गर्म पानी ही इनकी जिंदगी का सहारा है। गोशाला की तपती जमीन पर बिना छांव की फेंसिंग के भीतर ये कभी गर्मी से बचने के लिए झुंड में खड़े हो जाते हैं तो कभी छांव के नाम पर पड़ी फटी-पुरानी पन्नी का सहारा ढूंढते हैं। इनकी हालत देख उस वक्त किसी की भी आंखें छलक जातीं जब एक गोशाला में तीन-चार दिन पहले ही बच्चे को जन्म देने वाली एक गाय उसे धूप से बचाने के लिए खुद से सटाकर बैठी दिखी। वहीं, कई गाय धूप से बचने के लिए कभी हौद तो कभी तारों के सहारे छांव ढूंढती रहीं..।
हेडिंग : धूप में खड़े गोवंश, गोबर के ढेर और पीने को गर्म पानी
झांसी। समय 11:30 बजे, पलींदा बंदियाहार गोशाला : यहां गर्मी से बेहाल गोवंशों के झुंड शीतल पानी के लिए हौद के पास धूप में तप रहे थे। कुछ गर्म पानी पीते मिले तो कुछ पानी में मुंह डालते ही इधर-उधर भागते दिखाई दिए। वहीं, छोटे-छोटे कई गोवंश धूप में अधमरे से बैठे दिखे। ऐसा लग रहा था मानो उनसे धूप बिल्कुल सहन नहीं हो रही। वहीं, गोबर के ढेर
और उसकी बदबू दूर तक फैली थी। इस दौरान गोशाला में कोई दिखाई नहीं दिया। आसपास के लोगों ने बताया कि सुबह गोशाला वाले कुछ लोग आकर चारा-पानी डाल जाते हैं, इसके बाद रात तक कोई दिखाई नहीं देता। गोवंश ऐसे ही धूप में घूमते हैं।
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हेडिंग : गोवंश को नोंचता रहा कुत्ता, लोग निकलते रहे
झांसी। समय दोपहर 12:30 बजे, पाली पहाड़ी सड़क : झांसी से मात्र 12-14 किलोमीटर दूर पाली पहाड़ी की सड़क है, यहां से दिन भर सैकड़ों लोग निकलते हैं। आसपास कई गांव और बड़े स्कूल-कॉलेज हैं। यहां हमने नजर दौड़ाई तो सड़क के पास एक गोवंश को कुत्ता नोंचता दिखाई दिया। सड़क से निकल रहे कुछ ग्रामीणों से पूछा तो पता चला कि गोवंश कुछ दिन से अधमरी पड़ी थी। कभी-कभार लोग उसे रोटी डाल देते थे। ग्रामीण बोले-अब शायद वह मर गई है। इसके बाद लोग यहां से निकलते रहे, लेकिन किसी को इस गोवंश की सुध नहीं रही। हमने ये तस्वीर इसलिए पाठकों के सामने रखने की कोशिश की ताकि प्रशासन भी गोवंशों की स्थिति अपनी आंखों से देख ले।
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अपने बछड़े को धूप से बचाने को पास बैठी रही गाय, ईंटों के सहारे ढूंढ रही छांव
झांसी। समय दोपहर 2:30 बजे : मथुरापुरा स्थित गोशाला का हाल : इस गोशाला में गोवंश के झुंड धूप में मैदान में घूमते दिखे। कुछ फेंसिंग के बीच में यहां-वहां रखे ईंटों के ढेर के सहारे छांव तलाशते रहे। यहीं पर एक गाय जिसने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया है। वह बच्चे को छांव देने के लिए उससे बिल्कुल सटकर बैठी दिखी। यहां आसपास के लोग बोले कि गोवंश सारा दिन इसी तरह धूप में रहती हैं, कई बार कुछ की तबीयत बिगड़ जाती है तो लोग गोशाला वालों को सूचना दे देते हैं।
गोशालाओं का सर्वे कराया गया है। जिले की 55 गोशालाओं में शेड बनवाने के लिए चिह्नित किया गया था। इनमें कई गोशाला में शेड भी बन चुके हैं। गोशालाओं में भी पेयजल के बेहतर इंतजाम किए गए हैं। अगर कोई संचालक गोशाला संचालन में लापरवाही बरतता है तो सीधे उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। - जुनैद अहमद, सीडीओ।
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गोशाला संचालक के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर
झांसी। ग्राम टहरौली स्थित लुहारगांव घाट में संचालित की जाने वाली गोशाला में व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं मिलने पर गोशाला संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
पांच अप्रैल को शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी द्वारा लुहारगांव घाट स्थित गोशाला का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान गोशालाओं में भूसे की पर्याप्त मात्रा नहीं होने के साथ ही गोवंशों की संख्या भी कम पाई गई थी। इसके अलावा गोशाला की व्यवस्थाएं भी दुरुस्त नहीं पाई गईं थीं। जिस पर नोडल अधिकारी द्वारा नाराजगी जाहिर की गई थी। जिसके तहत पशु चिकित्साधिकारी डॉ. सचिन कुमार ने गोशाला संचालक कौशल किशोर तिवारी के खिलाफ थाना टहरौली में एफआईआर दर्ज कराई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि लुहारगांव घाट स्थित गोशाला में व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं पाए जाने के साथ ही गोवंश की संख्या भी काफी कम पाई गई थी। जिसके तहत संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। संवाद