उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की हालत कैसी है? यह जानने के लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने पुणे की स्वयं सेवी संस्था (एनजीओ) एनर्जी ग्रुप ‘प्रयास’ को सर्वे पर लगाया है। इस ग्रुप ने अलग- अलग कस्बों में ईएसएमआई (इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई मोनीटरिंग इनीसेटिव) मशीनें लगाई हैं, जिनके जरिए बिजली आपूर्ति की अवधि, फाल्ट और कर्मचारियों की संख्या की जानकारी की जा रही है।
केंद्र सरकार ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत हर घर में बिजली पहुंचाने की नीति तैयार की है। इसी पहल के तहत ऊर्जा मंत्रालय के ग्रामीण विद्युतीकरण कारपोरेशन ने पुणे के एनर्जी ग्रुप ‘प्रयास’ से यूपी के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के हालत पर सर्वे करा रहा है। ग्रुप को ईएसएमआई मशीन सौंपी गई हैं। झांसी जनपद में इस मशीन को चिरगांव, मोंठ, मऊरानीपुर, गरौठा, बरुआसागर के एक- एक घर में लगाया गया है। यह मशीन अन्य उपकरणों की तरह स्वीच बोर्ड पर लगानी है। यह मशीन 24 घंटे में उस क्षेत्र में होने वाले पावर फिक्चूएशन, बिजली के आने- जाने के समय व अन्य कमियों को कैद कर लेती हैं। इस मशीन का हर 24 घंटे का डाटा पुणे स्थित कंट्रोल रूम पर पहुंच जाता है।
ऊर्जा मंत्रालय यह प्रयोग ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति की स्थिति और कमियों का पता करने के लिए कर रहा है, ताकि विद्युत व्यवस्था को दुरुस्त किया जा सके।
संदीप अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता (नगर)।
ऐसी है मशीन
हेलोक्राफ्ट टेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई मोनीटरिंग इनीसेटिव मशीन को तैयार किया है। इस मशीन में एक चिप लगी है, जिसकी मदद से डाटा एकत्रित व ट्रांसफर होता है। इस उपकरण की ऊर्जा खपत बहुत कम हैं और बिजली बिल को प्रभावित नहीं करती है।