झांसी। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रियायती किराए में आवागमन की सुविधा दे रही लोहिया बस सेवा से एक बार फिर झांसी जिला वंचित हो गया है। क्योंकि रोडवेज परिक्षेत्र झांसी को नए वित्तीय वर्ष में मुख्यालय से प्राप्त हुईं चार बसें जालौन को दे दी गई हैं। जबकि, बीते वित्तीय वर्ष में मिली 20 लोहिया बसें ललितपुर को दे दी गई थीं। ऐसे में जनपद के हाथ खाली रह गए।
ग्रामीण अंचल के लोग कम किराए में जिला मुख्यालय में नियमित आवागमन कर सकें, इस उद्देश्य से शासन ने बीते वर्ष लोहिया ग्रामीण बस सेवा का संचालन किया था। जिसके तहत झांसी परिक्षेत्र को रोडवेज मुख्यालय से प्रथम किश्त में 20 लोहिया बसें प्राप्त हुई थीं, जो ललितपुर के ग्रामीण अंचल में दौड़ाई गईं। हालांकि इन बसों क ो मेंटीनेंस के लिए झांसी डिपो आना पड़ता है, ऐसे में झांसी मार्ग के कई ग्रामीणों को इन बसों का लाभ स्वत: मिलने लगा।
वहीं, लंबे अर्से से उम्मीद थी कि नए वित्तीय वर्ष में दूसरी किश्त में प्राप्त होने वाली लोहिया बसों को झांसी जिले के ग्रामीण अंचलों में चलाया जाएगा। क्योंकि जालौन में तीन बसों को लोहिया बस के रूप में संचालित किया जा रहा था। लेकिन सूत्रों के मुताबिक अप्रैल में परिक्षेत्र को मिली चार लोहिया बसों को जालौन में चलाने से एक बार फिर झांसी उक्त सेवा से महरूम रह गया।
वहीं, विभागी अधिकारियों के मुताबिक मुख्यालय से एकमुश्त बसें नहीं मिलती हैं। जल्द ही लोहिया बसें और आवंटित होने पर उन्हें झांसी जिले के ग्रामीण अंचलों में दौड़ाया जाएगा।