कई इलाकों में कहर बनकर टूट रही टिड्डियां हवा के बहाव के विपरीत होने की वजह से अब तक झांसी दुबारा नहीं पहुंच सकी हैं हालांकि कृषि अफसरों का कहना है हवा का रूख पलटने पर इनके वापस लौटने का खतरा भी सर्वाधिक है। इनकी निगरानी के लिए टीमों को जिले के समीपवर्ती स्थानों पर तैनात किया गया है। राजस्थान की ओर से टिड्डियों का कई दल उत्तर पूर्व की ओर रवाना हुआ है। बृहस्पतिवार को यह दल मप्र के गुना एवं अशोक नगर के आसपास दिखाई पड़ा लेकिन हवा के रुख की वजह से यह झांसी तक नहीं पहुंच सका। कृषि रक्षा अधिकारियों के मुताबिक करीब तीन वर्ग किलोमीटर दायरे में फैले इस दल के शुक्रवार को भी गुना के आसपास ही रहने की उम्मीद है। उधर, टिड्डी दल की प्रत्येक गतिविधि पर निगरानी के लिए कृषि विभाग एवं केंद्र सरकार की टीम लगातार उस पर निगरानी रख रही है। कृषि रक्षा अधिकारी विवेक कुमार के मुताबिक टिड्डी दल के प्रत्येक मूवमेंट की निगरानी रखी जा रही है। उनके खात्मे के लिए रसायनों का भी पर्याप्त इंतजाम किया गया है। समीपवर्ती स्थानों पर कर्मचारियों को भी तैनात किया गया है।