लॉकडाउन के 10 वें दिन भी पुलिस की सख्ती बरकरार रही। पुलिस ने शुक्रवार से गलियों में गश्त बढ़ा दी। इससे लोग सड़कों की तरफ आने की हिम्मत नहीं कर सके। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। जनपद की सीमाओं पर बिना इमरजेंसी के किसी को भी आने-जाने की इजाजत नहीं मिली। अधिकारियों ने बॉर्डर पर घूम-घूम कर जायजा लिया। अधिकारियों ने लॉकडाउन में सख्ती बरतने के निर्देश दिए।
सरकार का सख्त आदेश आने के बाद से अधिकारी उसका पालन कराने की कवायद में जुटे हैं। शुक्रवार को रक्सा, मऊरानीपुर, कानपुर रोड, ग्वालियर रोड आदि बॉर्डर थानों पर सख्ती बढ़ा दी गई। यहां पर आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। केवल इमरजेंसी वाले वाहनों को ही अंदर आने की इजाजत मिल रही है। अधिकारी सुबह से ही बार्डर थानों पर पहुंचकर व्यवस्था को देखते रहे। यही हाल शहर में बना रहा।
इलाइट, जेलचौराहा, चित्रा चौराहा, बीकेडी, मिनर्वा, बसस्टैंड, रसबहार तिराहा सीपरी बाजार, नंदनपुरा में एक तरफ के रास्ते को बैरीकेडिंग से बंद कर दिया गया। दूसरे रास्ते से सिर्फ उन लोगों को जाने दिया गया जिनके पास या तो अनुमति पत्र था या बेहद महत्वपूर्ण कार्य। वाहन चालकों को रोककर उनको वापस लौटाया गया। पैदल जाने वाले लोगों को भी तुरंत अपने घर पहुंचने की चेतावनी दी गई। कई लोगाें ने तमाम तरीके के तर्क पुलिस को दिए, लेकिन उनके सामने किसी की नहीं चली। केवल इमरजेेंसी वाहनों को ही अंदर आने की इजाजत मिली।
जुमे की नवाज से पहले मस्जिदों पर की गई जांच
लॉकडाउन के दौरान मस्जिदों में लोग नवाज न पढ़ सकें, इसके लिए दोपहर में जांच की गई। इस दौरान डीएम आंद्रा वामसी, एसएसपी डी प्रदीप कुमार, सीडीओ फुंडे ने संयुक्त रूप से चेकिंग की। ड्रोन कैमरे से भी नजर रखी गई। इसी तरह शहर, सीपरी बाजार, सदर बाजार और प्रेमनगर की मस्जिदों पर नजर रखी गई।
खाद्यान्न की भी रोकी जा रही गाड़ियां
मेडिकल बाईपास पर खाद्यान्न की गाड़ियां रोककर यातायात पुलिस के जवान चालकों को बेवजह परेशान कर रहे हैं। शुक्रवार को एक ट्रक चालक कानपुर से चावल लेकर सुभाष गंज जा रहा था। एक यातायात कर्मी ने कागजात पूछे तो चालक ने दिखला दिए। मगर इसके बाद भी वह उसे परेशान करता रहा। आरोप है कि दो हजार रुपये की मांग की। मजबूरन, चालक को गाड़ी बस स्टैंड, गोविंद चौराहा से ले जाने की जगह ग्वालियर रोड क्रासिंग से शहर प्रवेश करना पड़ा।