संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। झोलाछाप या अप्रशिक्षित लोगों से इलाज के नाम पर बड़ी संख्या में लोग अपने शरीर को हेपेटाइटिस सी बीमारी लगा ले रहे हैं, जो उनके लिए जानलेवा सिद्ध हो रही है। इस बीमारी के चलते कई लोग कैंसर तक के शिकार हो चुके हैं। जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस सी से ग्रस्त ऐसे कई मरीज आ रहे हैं, जो अंजाने में बीमारी से घिर गए हैं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. नीरज सिंह ने बताया कि हेपेटाइटिस सी एक संक्रामक बीमारी है, जो प्रमुख रूप से लिवर को प्रभावित करती है। हेपेटाइटिस सी नाम का वायरस शरीर में अपना घर बना लेता है और धीरे-धीरे लिवर को नष्ट करता है, जिससे लिवर सिकुड़ जाता है और अपना काम करना बंद कर देता है। कुछ लोगों में यह लिवर के कैंसर तक पहुंच रहा है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन ऐसे 2 से 3 मरीज आ रहे हैं जो इस वायरस से पीड़ित हैं।
ऐसे फैलता है वायरस
असुरक्षित रक्त का मरीज के शरीर में पहुंचना, असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित इंजेक्शन के प्रयोग, संक्रमित उपकरणों से सर्जरी और हेमोडालिसिस इसके प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा अन्य कारणों से भी यह संक्रमण फैल रहा है।
- ये होते हैं हेपेटाइटिस सी के लक्षण
चिकित्सक ने बताया कि जब किसी को हेपेटाइटिस सी वायरस अपनी चपेट में लेता है तो धीरे-धीरे उसको भूख लगना कम हो जाती है, साथ ही पीलिया और बुखार भी रहने लगता है।
- तीन माह में ठीक हो सकते हैं मरीज
राहत की बात यह है कि इस भयानक बीमारी का इलाज़ आ चुका है। डॉक्टर नीरज सिंह ने बताया कि दो दवाओं की मदद से हेपेटाइटिस सी वायरस से तीन माह में मुक्ति पाई जा सकती है। बताया कि हमने कई मरीजों का सफल इलाज भी किया है।
- जिला अस्पताल और मेडिकल में भी मिल रहा इलाज
नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम के तहत जिला चिकित्सालय में ट्रीटमेंट सेंटर संचालित है। यहां हेपेटाइटिस सी का इलाज मुफ्त किया जा रहा है। वहीं, गंभीर मरीज का इलाज महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज स्थापित मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर में उपलब्ध है।