झांसी। कोतवाली की ढाल से लेकर गंधीगर के टपरा तक बिजली के तार और खंभे कभी भी किसी बडे़ हादसे का कारण बन सकते हैं। हाल यह है कि एक मकान के छज्जे की दीवार पर बिजली का खंभा टिका है। बिजली के हाई पावर तार भी छज्जों को छूकर निकल रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या के संबंध में कई बार बिजली विभाग को सूचित किया जा चुका है। लेकिन कोई निदान नहीं हुआ। समस्या जस की तस है।
कोतवाली की ढाल से गंधीगर के टपरा मार्ग पर प्रतिदिन हजारों राहगीरों का आवागमन रहता है। कई जुलूस, शोभायात्राएं भी इसी मार्ग से होकर निकलती हैं। इस मार्ग पर सबसे बड़ा खतरा बिजली के टेढे़ - मेढे़ खंभे और बेतरतीब फैले तारों का जाल है। बाबूलाल तिवारी गली के मुहाने पर बने एक मकान के छज्जे पर तो बिजली का पूरा खंभा ही टिका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे हर समय खतरा बना रहता है। शिकायत की, अधिकारी भी जांच कर चले गए। लेकिन अभी तक हुआ कुछ नहीं।
बाजार में घनी आबादी होने के कारण तार अधिक दिखते है। उनकी समय -समय पर निगरानी होती है। ताकि हादसा न हो। कोई खंभा अगर खराब है, तो इसकी शिकायत सब स्टेशन पर करें।
डी. यादवेंद्रु अधिशासी अभियंता बिजली विभाग
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कोतवाली की ढाल से लेकर गंधीगर के टपरा तक के मार्ग पर बिजली के खंभे और तारों के जाल खतरा बने हुए हैं। इससे कभी भी हादसे की संभावना बनी रहती है।
धीरेंद्र मोहन अवस्थी स्थानीय निवासी
मकान के छज्जे पर टिके खंभे को हटाने के लिए बिजली विभाग को कई बार सूचना दी गई। संबंधित विभाग के अधिकारी भी जांच कर चुके हैं। लेकिन हुआ कुछ नहीं।
मुकेश सोनी सभासद
बिजली के खंभे कई क्षतिग्रस्त हैं। तारों में स्पार्किंग होती है। बरसात में तो और भी डर लगता है, इस मार्ग से निकलने में।
देवीदयाल अग्रवाल स्थानीय व्यापारी
बिजली के तारों के जाल और खंभे मकानों के छज्जों से टकरा रहे हैं। वहीं, कई जानवर करंट के चलते अपनी जान गवां चुके हैं।
अरुण अग्रवाल स्थानीय निवासी
कोतवाली की ढाल - गंधीगर के टपरा मार्ग पर कई बडे़ जुलूस व शोभायात्राएं निकलती हैं। हमेशा डर बना रहता है। यहां तार भी काफी नीचे लटके हुए हैं।
शशांक श्रीवास्तव स्थानीय निवासी
टेलीफोन के खंभे भी समस्या बने हुए हैं। आवश्यकता है कि हमेशा व्यस्त रहने वाले इस मार्ग पर काफी नीचे लटक रहे बिजली के तारों को ठीक किया जाए।
गौरव तिवारी स्थानीय निवासी