विशेष न्यायाधीश एससी /एसटी एक्ट सुशील कुमार द्वितीय की अदालत ने महिला की हत्या के मामले में अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। घटना तीन साल पहले गरौठा के सिमरधा गांव में हुई थी।
गरौठा थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम सिमरधा निवासी छेदा लाल ने थाने में दर्ज कराई एफआईआर में बताया था कि तीन फरवरी 2014 को उसकी बहू मीरा देवी (45) भतीजे थान सिंह के साथ खेत पर चारा लेने जा रही थी। रास्ते में मानसिंह के ट्यूबवेल के पास गांव के ही छत्रपाल ने बुरी नीयत से मीरा का हाथ पकड़ लिया। इसका बहू ने विरोध किया और चिल्लाई, जिससे आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए। इससे गुस्साए छत्रपाल ने बहू के सिर में ईंट मार दी, जिससे वह पास की नाली में गिर पड़ी और मौत हो गई। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त छत्रपाल को धारा 304 (1) में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ए. मुबारक अहमद ने की।