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Jhansi News: फर्जी बेव सीरीज देख सीखा नकली नोट छापने का तरीका

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। सिपाही का बेटा और गैंग का मास्टरमाइंड पंकज मल्होत्रा काफी शातिर है। उसने मध्य प्रदेश से ही बीएससी पास किया। इसके बाद उसने छोटा-मोटा कारोबार किया, लेकिन उसका मन कारोबार में कभी नहीं लगता था। वह जल्द ही अमीर बनने का ख्वाब देखता था। पूछताछ के दौरान पंकज ने पुलिस को बताया कि व्यापार में घाटा होने के बाद नकली नोट बनाने का सबसे पहला आइडिया उसे फर्जी नामक वेब सीरीज देखकर आया। उसकी योजना थी कि एक साल में भरपूर पैसा कमाने के बाद वह काम छोड़ देगा। इसके बाद उसने यू-ट्यूब और गूगल पर भी नकली नोट बनाने के तरीके खोजे। मप्र निवासी जितेंद्र से भी उसने नोट छापने के बारे में सीखा। जितेंद्र अभी फरार है।
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दिल्ली से मंगाता था कागज
पंकज नोट जैसा कागज दिल्ली से मांगता था। इसके बाद नोट के आकार में उसकी कटिंग करता था। इसमें कमलाकांत उसकी मदद करता था। कमलाकांत ने भी बीएससी किया हुआ है। नोट की डिजाइन तैयार करने के बाद आधुनिक प्रिंटर से वह नोट छापते थे। बाजार से जितनी डिमांड आती थी, उसके मुताबिक नोट छापे जाते थे। नोट छापने के लिए उन्होंने दतिया और भिंड में किराये पर घर भी ले रखा था। नकली नोट की डिजाइन हल्की होने के साथ ही कागज भी कुछ पतला रहता था। इस वजह से यह लोग नकली नोट ग्रामीण इलाकों में खपाते थे। अधिकांश नोट शराब की दुकानों समेत किराना की दुकानों में खपाए जाते थे। पूछताछ के दौरान पंकज ने बताया कि मोटी रकम मिलने पर मौके पर जाकर ही नोट छापकर दे देते थे। चार दिन पहले ही पांच लाख रुपये के नकली नोट छापे थे। इसके पचास फीसदी नोट उन्होंने यूपी में भेज दिए। पुलिस का कहना है जितेंद्र की तलाश की जा रही है। जहां-जहां उन्होंने नोट भेजे उनकी तलाश की जा रही है।
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इनसेट
एक लाख रुपये के नकली नोट के बदले लेते थे 35 हजार


पुलिस के मुताबिक नकली नोट छापने में पंकज काफी माहिर है। वह डिजाइन तैयार करने में माहिर था। यह लोग उत्तर प्रदेश में ही अधिकांश नकली नोट खपाते थे। मनीष और आशीष खास तौर से झांसी के मोंठ, चिरगांव, एरच समेत अन्य जगहों में नकली नोट खपाने जाते थे जबकि कमलाकांत के जिम्मे जालौन, ललितपुर आदि इलाकों में नोट खपाने का काम था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि फरवरी से वह लोग यह काम कर रहे हैं। एक लाख रुपये के नकली नोट के बदले 35 हजार रुपये लेते थे। अधिकांश नकली नोट छोटे दुकानदारों एवं छोटी जगहों पर ही चलाए जाते थे। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 489-ए, बी, सी एवं डी के तहत मामला पंजीकृत कर लिया
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