झांसी। शनिवार को हुआ अधिवक्ता संघ का चुनाव हंगामे की भेंट चढ़ गया। वरिष्ठ व कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद के मतपत्र गायब होने से गुस्साए वकीलों ने जमकर हंगामा किया। अधिवक्ताओं की मांग पर एल्डर्स कमेटी ने चुनाव रद कर दिया है। मतदान की अगली तिथि शीघ्र ही तय की जाएगी।
जिला अधिवक्ता संघ के 20 पदों पर शनिवार को सुबह दस बजे की जगह साढ़े दस बजे से मतदान शुरू हुआ। पहले चुनावों में पांच मतपत्रों पर सभी पदों के वोट डाले जाते थे, इस बार व्यवस्था बदलकर सात मतपत्र दिए गए थे। इस कारण एक अधिवक्ता को वोट डालने में तीन से चार मिनट का समय लग रहा था।
वोट डालने के लिए जजेस कोर्ट सभागार में एक बार में सिर्फ 25 लोगों को ही अंदर आने दिया जा रहा था। समय अधिक लगने के कारण वोट डालने के लिए अधिवक्ताओं की काफी लंबी लाइन पोलिंग बूथ के बाहर लग गई।
काफी देर तक लाइन में लगे रहने के कारण अपराह्न तीन बजे अधिवक्ताओं का धैर्य जवाब दे गया। वह सभागार में घुस आए और मतपत्र मांगने लगे। पोलिंग बूथ पर अचानक बढ़ी भीड़ के कारण व्यवस्था गड़बड़ा गई। एल्डर्स कमेटी ने आगे आकर किसी प्रकार से माहौल शांत किया, लेकिन इसी बीच पता चला कि वरिष्ठ व कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद के मतपत्र गायब हो गए हैं। यह जानकारी मिलते ही अधिवक्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया।
स्थिति देख मौके पर मौजूद पुलिस बल सतर्क हो गया। अतिरिक्त फोर्स भी बुला लिया गया। इधर, अधिवक्ताओं ने एल्डर्स कमेटी से चुनाव रद करने की मांग की। अधिवक्ताओं की मांग पर एल्डर्स कमेटी ने चुनाव को रद कर दिया। कमेटी ने बताया कि सोमवार या मंगलवार को बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें मतदान के लिए अगली तिथि तय की जाएगी।
सात सौ अधिवक्ता ही डाल सके थे वोट
जिला अधिवक्ता संघ में 1,922 अधिवक्ता पंजीकृत हैं, इनके सापेक्ष करीब सात सौ अधिवक्ता ही अपराह्न तीन बजे तक मतदान कर सके थे। जिस समय हंगामा हुआ, उसके बाद मतदान के लिए दो घंटे का समय ही शेष बचा था।