होमवर्क पूरा न करने पर सजा बतौर कक्षा तीन से पांच तक की छात्राओं को 40 डंडे की सजा देने वाले शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। 15 फरवरी को ब्लॉक मड़ावरा के प्राथमिक विद्यालय धौलपुरा में हुई इस घटना को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद हरकत में आए शिक्षा विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारी को जांच के लिए विद्यालय भेजा था। उन्हें छात्राओं ने आप बीती बताई और चोट के निशान दिखाए थे। उनकी रिपोर्ट पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मंगलवार को आरोपी शिक्षक को निलिंबित कर दिया। हालांकि आरोपी शिक्षक पुष्पेंद्र सोनी का कहना है कि मामले में उन्हें बेवजह फंसाया गया है।
शिक्षा विभाग की जांच में तो शिक्षक द्वारा छात्राओं को डंडे मारने की बात की पुष्टि हो गई लेकिन पुलिस को सच नहीं दिखा। शनिवार को ही घटना की सूचना पुलिस को मिल गई थी। रविवार को आरोपी शिक्षक के खिलाफ गांव के ही एक युवक द्वारा तहरीर दे दी गई थी। लेकिन सोमवार तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। किन्हीं कारणों से सोमवार शाम तक थाने में ही संबंधित पक्षों के बीच राजीनामा करा दिया गया। कुछ ऐसा हुआ कि पीड़ित बच्चियों के परिजनों ने लिखकर दे दिया कि खेल-खेल में उनके चोट लग गई है। शिक्षक के निलंबन के बाद पुलिस की भूमिका प्रश्नों के घेरे में आ गई है। गांव में लोग पूछते रहे कि शिक्षा विभाग को हकीकत पता चल गई और पुलिस ने राजीनामा करा दिया।