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होमवर्क न करने पर 40 डंडों की सजा देने वाला शिक्षक निलंबित

Wed, 19 Feb 2020 03:07 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
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teacher - फोटो : Pexels.com
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होमवर्क पूरा न करने पर सजा बतौर कक्षा तीन से पांच तक की छात्राओं को 40 डंडे की सजा देने वाले शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। 15 फरवरी को ब्लॉक मड़ावरा के प्राथमिक विद्यालय धौलपुरा में हुई इस घटना को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद हरकत में आए शिक्षा विभाग ने खंड शिक्षा अधिकारी को जांच के लिए विद्यालय भेजा था। उन्हें छात्राओं ने आप बीती बताई और चोट के निशान दिखाए थे। उनकी रिपोर्ट पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मंगलवार को आरोपी शिक्षक को निलिंबित कर दिया। हालांकि आरोपी शिक्षक पुष्पेंद्र सोनी का कहना है कि मामले में उन्हें बेवजह फंसाया गया है।

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जांच अधिकारी के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी महरौनी राजकुमार पुरोहित ने 17 फरवरी को प्राथमिक विद्यालय धौलपुरा ब्लॉक मड़ावरा का स्थलीय निरीक्षण किया। अपनी आख्या में उन्होंने अवगत कराया है कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों ने लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया है कि सहायक अध्यापक पुष्पेंद्र सोनी द्वारा दिए गए सवालों को हल नहीं करने पर पंद्रह फरवरी को कक्षा में बच्चों को डंडे से पीटा गया।

कक्षा चार के छात्र राज, कक्षा पांच की छात्रा रूपाली एवं कक्षा पांच की छात्रा नैनसी ने लिखित रूप से बयान दिए हैं। आख्या के अनुसार पैरों में चोटों के निशान की पुष्टि हुई है। जांच अधिकारी ने जांच में अध्यापक को प्रथम दृष्टया दोषी माना है। उसके कृत्य की निंदा करते हुए निलंबन की संस्तुति की गई है। बीएसए महाराज स्वामी ने इस आख्या पर शिक्षक को निलंबित कर दिया है।

पुलिस को क्यों नहीं दिखा सच

शिक्षा विभाग की जांच में तो शिक्षक द्वारा छात्राओं को डंडे मारने की बात की पुष्टि हो गई लेकिन पुलिस को सच नहीं दिखा। शनिवार को ही घटना की सूचना पुलिस को मिल गई थी। रविवार को आरोपी शिक्षक के खिलाफ गांव के ही एक युवक द्वारा तहरीर दे दी गई थी। लेकिन सोमवार तक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। किन्हीं कारणों से सोमवार शाम तक थाने में ही संबंधित पक्षों के बीच राजीनामा करा दिया गया। कुछ ऐसा हुआ कि पीड़ित बच्चियों के परिजनों ने लिखकर दे दिया कि खेल-खेल में उनके चोट लग गई है। शिक्षक के निलंबन के बाद पुलिस की भूमिका प्रश्नों के घेरे में आ गई है। गांव में लोग पूछते रहे कि शिक्षा विभाग को हकीकत पता चल गई और पुलिस ने राजीनामा करा दिया।

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