कस्बा तालबेहट निवासी मदनमोहन नामदेव ने बताया कि वह शिक्षा विभाग में शिक्षक था। वर्ष 2007 में वह सेवानिवृत्त हो गया था और वह अब पेंशन हासिल कर रहा है। हाल में सरकार ने पेंशनर का मंहगाई भत्ता बढ़ाया था। जिसके बाद उसे करीब चालीस हजार रुपये का एरियर मिलना था। एरियर लेने के लिए वह बेसिक शिक्षा विभाग के कार्यालय में तैनात कनिष्ठ सहायक राजेश कुमार से कह रहा था। इसके लिए उसने सभी कागजी खानापूर्ति भी कर दी थी। कनिष्ठ सहायक राजेश ने एरियर देने के नाम पर उससे पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत मांगे जाने की शिकायत उसने एंटी करप्शन झांसी से की थी। शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन में तैनात निरीक्षक श्यामसिंह के नेतृत्व में एक ट्रैप टीम तैयार की गई। टीम ने बृहस्पतिवार को सेवानिवृत्त शिक्षक मदनमोहन को कैमिकल लगे हुए पांच हजार रुपये जिसमें पांच-पांच सौ रुपये के नोट थे दिए और बीएसए कार्यालय भेज दिया। वहीं टीम कार्यालय के बाहर जाल बिछाकर खड़ी हो गई। सेवानिवृत्त शिक्षक मदनमोहन कनिष्ठ सहायक राजेश कुमार के पास पहुंचे और कैमिकल लगे रुपयों को उसे दे दिया। इसके बाद मदनमोहन बाहर आए और उन्होंने टीम को इशारा कर दिया। इस पर टीम तत्काल कनिष्ठ सहायक की सीट पर पहुंची और उसे पकड़ लिया। उसके हाथ धुलवाए गए तो वह कैमिकल युक्त निकले। कनिष्ठ सहायक की तलाशी ली तो रुपये नहीं मिले। एंटी करप्शन टीम ने रुपयों के बारे में पूछा तो कनिष्ठ सहायक ने रिश्वत लेने की बात को नकार दिया। एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक श्याम सिंह ने बताया कि टीम ने कनिष्ठ सहायक की पटल और कार्यालय में विभिन्न जगह पर रुपयों को खोजा। लेकिन रुपये नही बरामद नहीं हुए। करीब तीन घंटे तक टीम बीएसए कार्यालय में डटी रही और रुपयों को तलाशती रही। अनुमान है कि कनिष्ठ सहायक ने रिश्वत के रुपयों को अपने किसी साथी को दे दिया और वह रुपया लेकर कार्यालय से गायब हो गया। इसके बाद उन्होंने कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज मांगी। लेकिन टीम को सीसीटीवी कैमरे न तो दिखाए गए और न ही रिकार्डिंग दी गई। डीबीआर मांगने पर भी बहाने बना दिए गए। इसके बाद टीम कनिष्ठ सहायक को लेकर कोतवाली सदर ले गई और आगे की कार्रवाई में जुट गई। इधर बीएसए कार्यालय के कनिष्ठ सहायक के रिश्वत के साथ पकड़े जाने पर विभाग में हड़कंप मचा रहा। इधर एंटी करप्शन की टीम कोतवाली में मामले में आगे की कार्रवाई करने में जुटी हुई है।
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने घंटों इंतजार करती रही एंटी करप्शन टीम
कनिष्ठ सहायक को रिश्वत के आरोप में पकड़ लेने, लेकिन उसके पास से रिश्वत के रुपये न मिलने के बाद एंटी करप्शन की टीम ने कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज दिखाने को कहा। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने के लिए करीब दो घंटे तक एंटी करप्शन की टीम बीएसए कार्यालय में डटी रही। लेकिन टीम को सीसीटीवी कैमरे की फुटेज नहीं दिखाई गई।
कार्यालय परिसर में स्थित बगिया में लिए थे रुपये
शिकायतकर्ता मदनमोहन ने बताया कि कनिष्ठ सहायक ने उससे बीएसए कार्यालय परिसर में स्थित बगिया में ले जाकर रुपये लिए थे। रुपये देने के बाद वह टीम को सूचना देने के लिए चला गया था। बाहर आकर उसने टीम को रुपये दे आने की बात बताई थी। जिसके बाद पूरी टीम कनिष्ठ सहायक को पकड़ने के लिए अंदर प्रवेश कर रही थी। इसी बीच अपने कार्यालय से बीएसए निकलकर बाहर जा रहे थे। उन्होंने जब टीम को जाते देखा तो कर्मचारियों से पूछा कि यह लोग कौन हैं और कहां जा रहे हैं। इसके बाद बीएसए कार्यालय से किसी बैठक के लिए निकल गए थे।
यह बोले बीएसए
सेवानिवृत्त शिक्षक की फाइल को उनके स्तर से 18 अगस्त को ही निस्तारित कर दिया था। लिपिक ने इस फाइल को क्यों रोक रखा था, इसकी जानकारी उनको नहीं है। एंटी करप्शन टीम ने कर्मचारी को पकड़ा है। इसको लेकर विभाग के द्वारा कर्मचारी के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। रत्नेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी