झांसी। शताब्दी, दुरंतो व राजधानी एक्सप्रेस रिजर्वेशन की अवधि में बढ़ा किराया लागू हो गया है। सोमवार को नई दिल्ली से हबीबगंज जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस में यात्रियों को ललितपुर के 70 रुपये व भोपाल के 35 रुपये ज्यादा देने पड़े। हालांकि, वापसी में हबीबगंज से नई दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस में बड़ी संख्या में सीटें खाली होने के कारण शुरूआती किराया ही लिया गया। इन ट्रेनों में फ्लैक्सी फेयर स्कीम से लगने वाले किराये से यात्रियों में रोष है।
फ्लैक्सी फेयर स्कीम लागू होने के बाद अब आप शताब्दी, दूरंतों व राजधानी एक्सप्रेस में जितनी देर से रिजर्वेशन कराएंगे, उतना ही अधिक किराया प्रीमियम ट्रेनों की तरफ बढ़ता जाएगा। फ्लैक्सी किराए के तहत दस प्रतिशत सीट बुक होने के बाद हर दस प्रतिशत सीट बुकिंग पर बेस फेयर का दस-दस प्रतिशत चार्ज बढ़ता जाएगा।
जैसे कि, शताब्दी एक्सप्रेस में नई दिल्ली से झांसी का किराया 750 रुपये है, अगर आप अंतिम समय में ट्रेन बनवाते है और ट्रेन में दस प्रतिशत ही सीटें खाली पड़ी है तो आपको लगभग 1500 रुपये किराया देना होगा। यह किराया लगभग एक्जीक्यूटिव क्लास के बराबर होगा। झांसी से नई दिल्ली तक एक्जीक्यूटिव क्लास का किराया 1570 रुपये है। हालांकि, फ्लैक्सी फेयर स्कीम से शताब्दी एक्सप्रेस के एक्जीक्यूटिव क्लास व दुरंतो तथा राजधानी एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच को अलग रखा गया है।
पीआरओ गिरीश कंचन ने बताया कि सिस्टम अपडेट हो गया है। अब फ्लैक्सी फेयर स्कीम के तहत संबंधित ट्रेनों में किराया लिया जाएगा।
12 सितंबर को झांसी से यात्रा करने वाले यात्रियों से लिया गया किराया
कहां तक किराया वृद्धि
ललितपुर 310 380
भोपाल 670 805
हबीबगंज 675 810
न्याय संगत नहीं किराया बढ़ाना
हार्डवेयर व्यापारी प्रदीप गुप्ता का कहना है कि रेलवे द्वारा बार-बार किराया बढ़ाना न्याय संगत नहीं है। किराया बढ़ने से सब पर लोड बढ़ता है।
दुगना देना होगा किराया
प्लास्टिक जनरल मर्चेंट व्यापारी अंकुर बट्टा ने बताया कि उन्हें अक्सर अचानक ही व्यापार के संबंध में दिल्ली जाना पड़ता है। ऐसे में उनको अब शताब्दी एक्सप्रेस में दुगना किराया देना होगा।
रेल बजट का औचित्य खत्म
इलेक्ट्रानिक व्यापारी विवेक सेठ ने कहा कि बार-बार किराया बढ़ने से रेल बजट का औचित्य खत्म हो रहा है। थोड़ा बहुत नहीं अंतिम समय तक दुगना किराया देना समझ से परे है।
सीजन पर सीट मिलना होगा मुश्किल
रेडीमेड व्यापारी पंकज शुक्ला ने कहा कि आम दिनों में तो ठीक है। मगर सीजन में टिकट मिलना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि अब यात्री जल्दी से जल्दी रिजर्वेशन कराने की कोशिश करेगा, ताकि उसका किराया बच सके।