पीतांबरा कॉलोनी में उजड़ा पड़ा पार्क।
झांसी। झांसी विकास प्राधिकरण ने वर्ष 2001 में नगर निगम से जमीन खरीदकर पीतांबरा कॉलोनी को विकसित किया था। कॉलोनी में उच्च आय वर्ग, दुर्बल आय, मध्य आय के लोगों के लिए अलग-अलग साइजों में 261 प्लॉटों को आवंटित किया गया था। आवंटन करते समय जेडीए ने कालोनी वासियों को सड़क, बिजली पानी व पार्क सहित सभी मूलभूत सुविधाओं को देने का वादा किया था। कॉलोनी में लाइटों व सड़कों का निर्माण तो करा दिया गया था व पार्क के लिए जमीन को छोड़ दिया गया था। लेकिन, अब तक पार्क काफी बदहाल स्थिति में है। कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं को अब तक मुहैया नहीं कराया गया है। जिसका खामियाजा इलाके के लोगों को भुगतना पड़ रहा है। हालांकि, जेडीए द्वारा इस कॉलोनी को नगर निगम को हस्तांतरित करने कर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सालों से कॉलोनी में सफाई नहीं होती है। इलाके के लोगों को खुद ही सफाई करना पड़ती है। कचरा भी फेंकने के लिए दूर जाना पड़ता है।
नारायण दास, स्थानीय नागरिक
पांच सालों से कॉलोनी में निवास कर रहे हैं। साफ-सफाई की कोई भी व्यवस्था नहीं होने के कारण इलाके में जगह-जगह गंदगी व्याप्त है।
राधा खरे, स्थानीय नागरिक
वर्ष 2008 में मकान का निर्माण कराया था। इलाके के लोग सालों से पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। नलों में सिर्फ आधा घंटा ही पानी आता है।
कृष्ण अवतार सिंह, स्थानीय नागरिक
कॉलोनी में लगी अधिकतर स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हुई हैं। जिसके चलते रात होते ही अंधकार हो जाता है। जिससे आने जाने में परेशानी होती है।
राजेंद्र सिंह निरंजन, स्थानीय नागरिक