झांसी। दिल्ली में लगातार कोरोना संक्रमण के केस बढ़ने से केजरीवाल सरकार ने प्रदेश में छह दिन का लॉकडाउन लगा दिया है। ऐसे में वहां रहने वाले मजदूरों का काम-धंधा बंद हो गया है, उनके सामने रोजी- रोटी का संकट आ गया है। मजबूरन उन्हें दिल्ली छोड़कर अपने गांव वापस आना पड़ रहा है। इन मजदूरों में बुंदेलखंड के भी श्रमिक शामिल है।
दिल्ली में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे में दिल्ली में लॉकडाउन लगने से इसका सर्वाधिक असर दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ रहा है। पिछले एक महीने से भवन निर्माण के काम बंद चल रहे हैं। इस कारण वहां काम करने वाले मजदूरों को रोजी रोटी का संकट सताने लगा है। ऐसे में वह दिल्ली छोड़कर वापस लौट रहे हैं। उन्हें बसें नहीं मिल रही हैं, इस कारण वह मिनी ट्रक से वापस आ रहे हैं। मंगलवार को महानगर से 11 किलोमीटर दूर मप्र के दतिया जिले के चिरुला बार्डर पर एक मिनी ट्रक में मप्र के टीकमगढ़ जिले के ग्राम बराना के रहने वाले दस लोग वापस लौटे। वह वर्षों से दिल्ली में रहकर बेलदारी का काम करते थे। लेकिन लॉकडाउन होने के कारण अब उन्हें काम नहीं मिल रहा है। इस कारण से वह वापस लौट रहे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मजदूरों से दिल्ली में ही रुकने की अपील कर रहे हैं, लेकिन इसका असर नहीं पड़ रहा है।
पिछले साल की यादें हुई ताजा
पिछले साल कोरोना संक्रमण फैलने के दौरान लगाए गए लॉकडाउन के बाद दिल्ली में रहने वाले प्रवासी मजदूरों में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया था। वहां पर काम धंधा बंद होने से सभी मजदूरोें अपने घरों को लौटने लगे थे। ऐसे में वाहन न मिलने से मजदूरों को कई किलोमीटर तक पैदल ही चलता पड़ा था। पिछले साल की परेशानियों को याद कर मजदूरों ने अपने घर जाना ही बेहतर समझा।
गाड़ियां चलने से नहीं कोई परेशानी
ट्रेनें और बसें चलने के कारण इस बार प्रवासियों को आने- जाने में कोई असुविधा नहीं हो रही है। अधिकांश लोग ट्रेनों के सहारे ही वापस लौट रहे हैं। कुछ लोग स्पेशल बस से आ रहे हैं तो कोई मिनी ट्रक से आ रहा है। ऐसे में लोगों की भीड़ भी नहीं है।
कोई काम नहीं है। दिल्ली में दिन भर फुरसत बैठे रहते थे। खर्च रोज हो रहा था और बीमारी तेजी से फैल रही है। इसलिए मजबूरन घर वापस लौट रहे हैं। - प्रमोद कुमार
दिल्ली में बीमारी के हालात भयावह हैं। जिसे देखो वही कोरोना संक्रमित है। काम बंद हो जाने के कारण लौटना पड़ा है। घर पर रह कर कोई काम तलाश लेंगे। - प्यारेलाल
दिल्ली में रोज का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा था। सब्जी बहुत महंगी है। एक दिन की सब्जी का खर्च ही दो सौ रुपये पड़ रहा था। इसलिए अपने गांव लौट रहे हैं। - मीरा
काम बंद हो जाने के करण पैसे की परेशानी हो रही थी। इस कारण दिल्ली से लौट आए। क्या पता लॉकडाउन कब तक चलेगा। अब लौटकर दिल्ली जाना मुश्किल है। - पार्वती