ट्रक में सवार होकर अपने गंतव्य की ओर जाते श्रमिक
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झांसी। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर सिकंदरा में सोमवार को भी प्रवासी मजदूरों के आने का सिलसिला जारी रहा। सरकारी अमले ने यहां मजदूरों के साथ खानापूरी निभाई। केवल उनका ब्योरा इकट्ठा किया गया। मेडिकल जांच तक नहीं की गई। इसके बगैर ही उन्हें आगे बढ़ा दिया गया। इससे एक ओर मजदूरों के स्वास्थ्य को तो खतरा है दूसरी ओर इस बात का भी ध्यान नहीं रखा गया कि संक्रमित होने की स्थिति में वे अपने-अपने जिलों व गांवों के लिए वायरस के वाहक भी हो सकते हैं।
महाराष्ट्र, गुजरात से मध्य प्रदेश होकर प्रवासी मजदूरों के झांसी आने का सिलसिला लगातार जारी है। ये मजदूर शिवपुरी होते हुए झांसी पहुंच रहे हैं। सोमवार को भी हजारों की संख्या में श्रमिक यहां पहुंचे। तमाम श्रमिक ट्रक व अन्य मालवाहक वाहनों में बैठकर यहां पहुंचे। जबकि, सैकड़ों की संख्या में मजदूर पैदल ही लंबा सफर तय करते हुए उप्र व मप्र की सीमा पर आ पहुंचे। जो श्रमिक अपने साधनों में सवार होकर आए थे, उन्हें उन्हीं के साधनों से आगे बढ़ा दिया गया। जबकि, सैकड़ों श्रमिकों को बसों के जरिये उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए भेजा गया। पैदल आने वाले मजदूरों को बसों में बैठाकर मुस्तरा रेलवे स्टेशन के लिए रवाना किया गया। यहां से उनके ट्रेन के जरिये गंतव्य की ओर रवाना करने की व्यवस्था की गई। प्रदेश सीमा पर मजदूरों को भोजन तो उपलब्ध कराया गया, परंतु उनका मेडिकल परीक्षण नहीं किया गया। पुलिस कर्मियों ने केवल इसका ब्योरा इकट्ठा किया कि वे प्रदेश के किन जनपदों में जा रहे हैं, ताकि वहां के स्थानीय जिला प्रशासन को सूचना दी जा सके।