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रास्ता रोकने पर भड़के मजदूर, बॉर्डर पर की नारेबाजी

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झांसी के सिकंदरा बाईपास पर जमा विभिन्न राज्यों से आरहे मजदूरों की भीड़।
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झांसी। उप्र और मप्र की सरहद पर रक्सा के पास सिकंदरा में रविवार रात से रोके गए करीब दस हजार प्रवासी मजदूर आगे जाने की अनुमति न मिलने पर सोमवार की सुबह भड़क गए। गुस्साए श्रमिकों ने बॉर्डर पर जमकर नारेबाजी की। बाद में सभी मजदूरों को उनके साथ आए वाहनों, रोडवेज की बसों व ट्रेनों से गंतव्य के लिए रवाना किया गया। दिन भर में लगभग बीस हजार मजदूरों को झांसी से प्रदेश के अलग - अलग जनपदों के लिए भेजा गया।
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जिले के रक्सा थाना इलाके में शिवपुरी रोड पर मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश की सीमा पर पिछले एक सप्ताह से महाराष्ट्र और गुजरात से आने वाले श्रमिकों का जमावड़ा लग रहा है। ये मजदूर ट्रक, टैंपो, ऑटो जैसे वाहनों में सवार होकर आ रहे हैं। साथ ही, भारी तादाद में पैदल भी प्रवासी श्रमिक पहुंच रहे हैं। औरैया की घटना के बाद ट्रक व अन्य वाहनों से आने वाले मजदूरों की आगे की यात्रा को लेकर विशेष एहतियात बरता जा रहा है। शासन के निर्देश पर मजदूरों की रात में सड़क यात्रा पर रोक लगा दी गई है। इसके तहत रविवार की रात तकरीबन बारह बजे के बाद मजदूरों को आगे नहीं बढ़ने दिया गया। इससे सुबह तक बॉर्डर पर हजारों की संख्या में श्रमिक जमा हो गए। हाईवे पर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतार लग गई।
घंटों इंतजार के बाद भी आगे बढ़ने का रास्ता न मिलने पर वे भड़क गए। गुस्साए मजदूरों ने सड़क पर प्रशासन के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। अफसरों ने उन्हें किसी तरह से समझाबुझाकर शांत किया। इसके बाद दिन भर मजदूरों को उनके गंतव्य की ओर रवाना किया जाता रहा। ट्रक व अन्य मालवाहक वाहनों में सवार होकर आए मजदूरों को उनके वाहनों से आगे बढ़ाया गया। जबकि, पैदल सीमा पर पहुंचे मजदूरों को लगभग डेढ़ सौ बसों से पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के लिए भेजा गया। रात आठ और ग्यारह बजे दो श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से भी बाइस सौ मजदूरों को रवाना किया गया। दिन भर में लगभग बीस हजार मजदूर झांसी से होकर गुजरे।
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सुबह श्रमिकों ने हल्की नारेबाजी की थी। इसके बाद दिन भर स्थिति सामान्य बनी रही। अपने वाहनों से आने वाले मजदूरों को एस्कॉर्ट देकर आगे बढ़ाया गया, ताकि उनके वाहनों की रफ्तार नियंत्रित रहे। इसके अलावा डेढ़ सौ बसों व दो ट्रेनों के जरिये भी मजदूर अलग-अलग जनपदों के लिए भेजे गए। सभी के लिए पानी व भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई। लगभग बीस हजार प्रवासी श्रमिक झांसी से होकर गुजरे।
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- संजीव कुमार मौर्य, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट
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