झांसी। मुंबई से बिहार के छपरा जा रहे एक मजदूर का सफर अधूरा ही रह गया। गंतव्य पर पहुंचने से पहले ही उसकी बस में सांसें थम गईं। इससे बस में सवार अन्य मजदूरों में हड़कंप मच गया। बाद में उन्हें दूसरी बस से आगे रवाना किया गया।
बिहार के छपरा निवासी प्रभुनाथ (55) मुंबई से अपने घर वापस जा रहे थे। झांसी के रक्सा बॉर्डर पर उन्हें झांसी से बनारस जा रही रोडवेज बस में बैठाया गया। बस के थाना पूंछ अंतर्गत सीमा में पहुंचने पर उनकी तबीयत खराब होने लगी। रोडवेज बस का चालक मुकेश उन्हें उपचार के लिए बस से ही मोंठ अस्पताल लेकर आया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही बस में बैठीं सवारियों में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही अधिकारी मोंठ अस्पताल पहुंचे और घटना के बारे में जानकारी ली। इसके बाद मथुरा डिपो की एक रोडवेज बस से अन्य सवारियों को बनारस भेजा गया। सीओ मोंठ डॉ अभिषेक कुमार राहुल ने बताया कि उक्त व्यक्ति मुंबई से अपने बेटे से मिलकर लौट रहा था। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बस में 48 सवारियां थीं।