ज्ञान की प्राप्ति से नहीं रहता है तनाव: वृंदावन दास
झांसी। वृंदावन धाम के वृंदावन चंद्र दास गोस्वामी महाराज ने कहा कि ज्ञान वह धन है, जिसकी प्राप्ति होने पर जीव के जीवन में किसी भी प्रकार का तनाव नहीं रहता है।
इस्कॉन मंदिर में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव के अंतर्गत श्री कृष्ण भगवान की अवतरण कथा पर प्रवचन देते हुए शनिवार को कथा व्यास ने कहा कि आधुनिक युग में जो शिक्षा दी जा रही है, वह युवाओं को भ्रमित कर रही है। इससे आज युवा काफी तनावग्रस्त हैं। इस परिणाम को शास्त्रों में अविद्या कहा गया है। ज्ञान वह है, जो भगवान की भक्ति और जीव की सेवा का प्रबल संदेश देता है। मानव में आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है और आत्मा व परमात्मा में समन्वय कराता है। कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य जीवन का प्रथम उद्देश्य भगवत की प्राप्ति है। हर जीव को भगवान को पाने में लगा रहना चाहिए। यह हमारे प्राचीन ऋषि मुनियों का भी संदेश है। प्रवचन अवसर पर भगवान के अवतरण को लेकर नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की..., हाथी घोड़ा पालकी जय नंद गोपाल की... बधाई गीत गाए गए। इनमें लीन भक्तों ने मोहक संकीर्तन नृत्य किया। मंदिर में श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राधा कृष्ण जू के भव्य दरबार का पूजन किया। वृंदावन धाम के इस्कॉन सन्यासियों ने भजन गाए। इस अवसर पर मंदिर अध्यक्ष बृजभूमि दास प्रभु, श्रीराम यादव, अशोक सेठ, अशोक गुप्ता, महामुनि दास प्रभु, अभय चरण दास, करुणानिधि दास, नरेश पुरोहित, अजय अग्रवाल मौजूद रहे। मंदिर अध्यक्ष ने बताया कि इस्कॉन में 24 अगस्त को जन्माष्टमी का कार्यक्रम भव्य रूप से मनाया जाएगा। इस दिन सुबह मंगला आरती, श्रृंगार, गुरु पूजा, भजन कीर्तन, श्री कृष्ण अवतरण कथा, संध्या आरती, रात 12 बजे जन्मोत्सव की आरती होगी। 25 अगस्त को श्री प्रभु पाद जी का जन्मोत्सव एवं नंदोत्सव मनाया जाएगा।