संवाद न्यूज एजेंसी
चिरगांव। कस्बे के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की ओपीडी प्रथम तल पर बनी है। पर्चा बनवाने के बाद परामर्श के लिए प्रथम तल पर जाना पड़ता है। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी अत्यधिक कमजोर मरीजों और बुजुर्गों को होती है। खासकर जिन्हें घुटनों में तकलीफ हो।
ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल में पर्चा तो भूतल पर बनता है। लेकिन पर्चा बनवाने के बाद जब डॉक्टर को दिखवाने की बारी आती है तो पता चलता है कि इसके लिए सीढ़ी चढ़कर एक मंजिल ऊपर जाना है। प्रथम तल पर ओपीडी होने के कारण बुजुर्गों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। यही नहीं परेशानी का यहां अंत नहीं होता चिकित्सकीय परामर्श के बाद मरीजों को वापस भूतल पर जांच कराने के लिए भेज दिया जाता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद एक बार फिर डॉक्टर के पास प्रथम तल पर जाना होता है। इस बीच यदि किसी कारण डॉक्टर अपने चैंबर में न मिल पाए तो ये भागदौड़ एक और बार के लिए बढ़ जाती है। इस प्रकार जो मरीज बमुश्किल चलकर इलाज कराने पहुंचते हैं। इलाज के दौरान कई बार सीढ़ी चढ़ने उतरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी डाॅ राजेश सिंह ने कहा कि शासन की ओर से जो व्यवस्था की गई है उसी के अनुरूप कार्य किया जा रहा है।
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बोले बुजुर्ग...
अस्पताल आए चिरगांव निवासी 74 वर्षीय जयराम ने बताया कि उन्हें प्रोस्टेट की समस्या है, जिसका वह होम्योपैथिक उपचार करवा रहे हैं। अस्पताल में दूसरे तल पर डाक्टर बैठते हैं। वहां तक जाने में बड़ी परेशानी होती है।
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अस्पताल दवा लेने पहुंचे 70 वर्षीय हरदास ने बताया कि उन्हें पेट में दर्द की शिकायत है, जिसके उपचार के लिए अस्पताल आए थे। डाॅक्टर दूसरी मंजिल पर बैठते हैं, जिससे वहां तक आने-जाने में बड़ी दिक्कत होती है।