झांसी। साढ़े आठ करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया किसान बाजार नौ माह बाद भी गुलजार नहीं हो पाया है। हालांकि, यहां निर्मित 53 दुकानों का आवंटन हो चुका है। लेकिन, अभी भी उनके शटर बंद हैं। इस स्थिति में किसान भी यहां अपना कारोबार शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
मंडी परिषद द्वारा मंडी के निकट 848.01 लाख रुपये की लागत से किसान बाजार का निर्माण किया गया है। बाजार में 116 दुकानों का निर्माण किया गया है। इसमें 68 बड़ी (10 गुणा 20 फीट) तथा 48 (10 गुणा 12 फीट) छोटी दुकानें हैं। मंडी परिषद ने बड़ी दुकान की न्यूनतम कीमत 12.10 लाख तथा छोटी दुकान की 7.90 लाख रुपये तय की है। निर्माण कार्य 30 सितंबर 2014 को पूर्ण कर लिया गया था। 14 अक्तूबर 2014 को मुख्यमंत्री ने लखनऊ से इसका लोकार्पण किया था। लेकिन, अब तक यहां सन्नाटा ही पसरा हुआ है। मंडी परिषद द्वारा 53 दुकानें आवंटित की जा चुकी हैं, लेकिन आवंटियों ने अब तक यहां कारोबार शुरू नहीं किया है। इससे यहां आवाजाही भी शुरू नहीं हो पाई है। जबकि, बाजार में किसानों के लिए साढ़े तीन हजार वर्ग फीट का फ्री जोन बनाया गया है, जिसमें वह फल, फूल, सब्जी आदि की बिक्री कर सकेंगे। लेकिन, ग्राहकों की आवाजाही न होने की वजह से किसान भी इससे कन्नी काटे हुए हैं।
‘दुकानों का आवंटन 90 दिन में कारोबार शुरू करने की शर्त पर किया गया है। इस अवधि में काम शुरू न होने पर आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा। इसके अलावा अवशेष दुकानों का 31 जुलाई को आवंटन किया जाएगा। जल्द ही किसान बाजार कारोबार के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित होगा।’
- संजय प्रजापति, मंडी सचिव