सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के मथनपुरा गांव के बड़े युवा किसान गजेंद्र यादव (30) बृहस्पतिवार शाम से लापता है। परिजनों ने उसके अपहरण की रिपोर्ट तीन लोगों के खिलाफ दर्ज कराई है। परिजनों का कहना है कि वह फूफा के घर जाने की कहकर निकला था, लेकिन वहां गया नहीं था। उसके भाई ने बड़ागांव थाने में टाकोरी गांव के तीन लोगों के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस का कहना है कि शराब का अवैध धंधा करने वाले इन लोगों का गजेंद्र से चार दिन पहले झगड़ा हुआ था। सभी आरोपियों के घर पर दबिश दी, लेकिन वे नहीं मिले। पुलिस को टाकोरी गांव में गजेंद्र की कार और मोबाइल मिल गया है।
मथनपुरा गांव निवासी मलखान यादव का पुत्र गजेंद्र यादव खेतीबाड़ी करता है। उसके दो हार्वेस्टर भी चलते हैं। बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे गजेंद्र बचावली गांव निवासी अपने फूफा विजय से मुलाकात करने कार से निकला था। रात करीब नौ बजे उसने पत्नी को बताया कि वह फूफा के घर बैठा है। इसके बाद उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया। परिजनों ने समझा कि वह फूफा के घर पर रुका होगा। इस वजह से घर नहीं आने पर चिंता नहीं की। शुक्रवार की सुबह गजेंद्र की कार टाकोरी गांव में सड़क किनारे लावारिस खड़ी मिली। उसके आगे के शीशे टूटे थे। सीट पर मोबाइल पड़ा था।
ग्रामीणों की सूचना पर बड़ागांव थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। वहीं, सुबह परिजनों ने फोन मिलाया लेकिन वह नहीं उठा। फूफा को फोन किया तो पता चला कि वह घर पर मिलने के लिए आया ही नहीं था। पुलिस से मिली सूचना पर पहुंचे परिजनों ने हालात देखकर गजेंद्र के अपहरण की आशंका जताई। परिजनों की आशंका को गंभीरता से लेते हुए पुलिस सक्रिय हो गई। कई थानों के फोर्स मौके पर पहुंची और जंगल में कांबिंग की, लेकिन शुक्रवार देर शाम तक सफलता नहीं मिली।
गजेंद्र के भाई शैलेंद्र सिंह की शिकायत पर बड़ागांव पुलिस ने गोदन, सोलंकी और राजवीर के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। शैलेंद्र ने बताया कि पिछले दिनों गजेंद्र यादव का कबूतरा जनजाति के लोगों से विवाद हुआ था, आरोपियों ने उसे देखे लेने की धमकी दी थी। थानाध्यक्ष भानु ने बताया कि गजेंद्र अपने फूफा के पास नहीं गया था, उसकी तलाश की जा रही है। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अखिलेश कुमार चौरसिया ने बताया कि अपहृत की तलाश में पुलिस की टीमें लगा दी गई हैं। मोबाइल नंबर की डिटेल खंगाली जा रही है।