संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। सात साल पहले एरच थाना क्षेत्र में किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में विशेष न्यायाधीश बाल न्यायालय ने बृहस्पतिवार को दोषी ''किशोर'' को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर 2 साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वारदात के समय पीड़िता की उम्र 14 और बाल अपचारी 17 साल का था।
घटना 20-21 जनवरी 2018 की रात की है। थाना एरच क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी अपने मां-बाप के साथ घर में सो रही थी। कुछ समय बाद मां ने जागकर देखा तो उसकी बेटी लापता थी। माता-पिता दोनों घबरा गए और किशोरी की रात में ही खोजबीन शुरू की। गांव के ही किशोर के घर उसकी बेटी मिली। बताया कि उसे फुसलाकर किशोर अपने घर ले गया और उससे दुष्कर्म किया। एरच थाने में जाकर पीड़िता के पिता ने आरोपी किशोर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट एवं एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया। बृहस्पतिवार को विशेष न्यायाधीश बाल न्यायालय मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी ने इस मामले की सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया।
जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि पीड़िता को दिए जाने के आदेश
विशेष न्यायाधीश ने पीड़िता को जुर्माने की 50 प्रतिशत धनराशि मुआवजे के रूप में दिए जाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। ऐसे में पीड़िता को 25 हजार रुपये मुआवजा दिया जाएगा।