झांसी। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने गेहूं खरीद में किए गए बदलावों पर सफाई पेश करते हुए कहा ऐसा सीमांत किसानों को फायदा पहुंचाने के इरादे से किया गया है। वहीं, पिछली सपा सरकार को घेरते हुए कृषि मंत्री ने कहा योगी सरकार ने हर फसल की रिकॉर्ड खरीद की। प्रत्येक शनिवार को किसानों के लिए लगाए गए पचास क्विंटल अतिरिक्त बेचने की छूट दी जाएगी।
सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार अपने गेहूं खरीद संबंधी निर्णयों में कोई बदलाव नहीं करेगी। इस बार पर्याप्त खरीद की गई है। इस दौरान कृषि मंत्री गेहूं खरीद का लक्ष्य तय न करने के सवाल को सफाई से टाल गए। उन्होंने प्रति किसान पचास क्विंटल की कैप निर्धारित करने को पूछे सवाल के जवाब में कहा इसका मकसद सीमांत किसानों को फायदा पहुंचाना है। सीमांत किसान गेहूं नहीं बेच पा रहे थे। इससे उनको मदद मिलेगी हालांकि शनिवार को यह कैप लागू नहीं होगी।
कृषि मंत्री ने कहा वर्ष 2017 से किसानों से खरीद में लगातार इजाफा होता जा रहा है। सपा सरकार की तुलना में अब अधिक खरीद हो रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-2017 की तत्कालीन सपा सरकार ने सिर्फ 7-10 लाख मैट्रिक टन खरीद हुई जबकि उनकी सरकार ने 50 लाख मैट्रिक टन खरीद की है।
बुंदेलखंड में मूंगफली एवं उड़द के क्रय केंद्रों के देरी से खुलने के सवाल पर भी कृषि मंत्री भड़क गए और उसे इसके पहले खोले जाने से इंकार किया। उनका कहना था कि उपज भीगी रहती है, ऐसे में उपज नहीं खरीदी जा सकती हालांकि बुंदेलखंड के लिए उन्होंने दलहन एवं तिलहन को बढ़ावा दिए जाने की बात कही। कृषि मंत्री ने कहा खाद्य तेलों की खपत बढ़ रही है। विदेशों से इसका आयात करना पड़ता है। इसका उत्पादन बढ़ने से किसानों को भी मदद मिलेगी। कृषि मंत्री ने झांसी, ललितपुर एवं महोबा जनपदों में खास तौर से खेत तालाब योजना को भी आगे बढ़ाने पर जोर दिया। कहा, इससे सिंचाई का रकबा बढ़ाया जा सकेगा। इसके पहले दोपहर में लखनऊ से सड़क मार्ग के जरिए कृषि मंत्री सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उनका जिलाध्यक्ष मुकेश मिश्रा, संजीव श्रृंगऋषि समेत अनेक वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने फूलमालाओं से स्वागत किया। रात्रि विश्राम के बाद वह शुक्रवार सुबह कोटा के लिए निकल जाएंगे। शनिवार को वह वापस झांसी आएंगे।