झांसी। दूसरी लहर में कोरोना के बढ़ते कहर के चलते अब फिर से लोगों का प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने पर जोर हो गया है। शरीर में विटामिन सी की मात्रा बढ़ाने के लिए कोई नींबू की सिकंजी बनाकर पी रहा है तो कोई संतरा खा रहा है। इसके अलावा काढ़े और चाय का उपयोग बढ़ने से अदरक का इस्तेमाल भी खूब रहा है। इन तीनों की खपत में इजाफा हुआ तो दामों में भी उछाल आ गया है।
विटामिन सी की कमी तो लोग टैबलेट खाकर भी पूरी कर सकते हैं लेकिन जैसे ही कोरोना की दूसरी लहर ने झांसी में अपना दायरा बढ़ाया तो विटामिन सी की टैबलेट की बाजार में कमी हो गई। ऐसे में लोगों ने विटामिन सी की कमी को पूरा करने के लिए नींबू का उपयोग शुरू कर दिया। गर्मी का मौसम होने के कारण लोग नींबू की सिकंजी बनाकर पी रहे हैं। सलाद में भी इसका उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में अब पांच रुपये का एक नींबू बिकने लगा है, जो कि कुछ समय पहले पांच के दो या तीन मिल जाते थे। बताया गया कि पिछले साल रोज इस समय 80 क्विंटल नींबू की खपत थी, जो अब 120 क्विंटल हो गई है। वहीं, संतरा की भी खपत खूब बढ़ी है, ऐसे में पिछले साल 60 रुपये किलो बिकने वाला संतरा अब दोगुने यानी कि 120 रुपये में बिक रहा है। अदरक की खपत भी पिछले साल के मुकाबले पांच क्विंटल बढ़ी है। मौजूदा समय में काढ़े और चाय का चलन बढ़ने से रोज 30 क्विंटल अदरक की खपत हो रही है।
राजस्थान, मध्य प्रदेश से संतरा झांसी आता है। वहां पानी पड़ने से संतरे के फूल खराब होने से नुकसान हुआ है। इस वजह से भी संतरे के दाम इस बार बढ़े हैं। वहीं, लोग भी विटामिन सी के तौर पर इसका सेवन ज्यादा कर रहे हैं। नींबू की खपत भी पिछले साल की तुलना में रोज 40 क्विंटल बढ़ी है। अदरक भी पांच क्विंटल ज्यादा बिक रही है। - पंकज शर्मा, मंडी सचिव।