झांसी। खरीफ की फसल जब किसान के घर आती है तो दिवाली का उत्साह दोगुना हो जाता है। इस फसल के जरिए ही किसान परिवार त्योहार को जोश और उल्लास के साथ मनाने की तैयारी करते हैं। लेकिन इस बार तो बरसात ने झांसी और ललितपुर में फसलों को बर्बाद कर दिया है। प्रशासन द्वारा कराए गए सर्वे में झांसी में कुल 1.25 लाख हेक्टेयर एवं ललितपुर में करीब एक लाख हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई। इससे दोनों जनपदों के 2 लाख 40 हजार किसानों के हाथ खाली हो गए हैं। अब खाली हाथ इनकी दिवाली कैसे मनेगी। हर किसी को यही चिंता सता रही है।
इस खरीफ सीजन में झांसी में 2,47,105 हेक्टेयर एवं ललितपुर में करीब 1,98,945 हेक्टेयर में बुवाई हुई थी। झांसी में सर्वाधिक 78587 हेक्टेयर में उड़द बोई गई लेकिन, सितंबर माह में हुई बारिश ने यह पूरी फसल तबाह कर दी। बंगरा, मऊरानीपुर, बामौर, बबीना एवं गुरसराय ब्लॉक में तो किसानों के घरों पर उड़द का एक दाना तक नहीं आया। राजस्व विभाग ने झांसी में 1.33 लाख एवं ललितपुर में 1.07 किसानों की फसल बर्बाद होने की बात मानी है। नुकसान की भरपाई की खातिर झांसी के किसानों के लिए 79.15 करोड़ रुपए जबकि ललितपुर के लिए करीब 100 करोड़ की क्षतिपूर्ति शासन से मांगी गई है। लेकिन अभी तक इस संबंध में न तो कोई आदेश जारी हुआ और न ही यह बताया गया कि किसानों को मुआवजा कब तक मिल पाएगा।
फसल चौपट हो जाने से हजारों रुपये का कर्जा हो गया। अब त्योहार कैसे मनाएंगे, यह समझ में नहीं आ रहा। सरकार ने अभी तक मुआवजा का भी एलान नहीं किया।
शालिग्राम राजपूत
फसल खराब हो गई। उपज बेचकर कर ही त्योहार मनाते थे। अबकी बार त्योहार भी नहीं बना पाएंगे। हमारे पास अगली बुवाई के लिए भी पैसा नहीं बचा।
गीता देवी