भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार राज्य परामर्शदाती समिति के अध्यक्ष रघुराज सिंह ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मजदूर परिवार में जन्म से लेकर मृत्यु तक के लिए शासन योजनाएं चला रहा है। इनका प्रचार- प्रसार किया जाए, ताकि मजदूर श्रम विभाग में पंजीयन कराएं। पंजीकृत श्रमिक के घर यदि बेटी पैदा होती है तो 15 हजार, बेटा पैदा होने पर 12 हजार रुपये और मृत्यु होने पर अंत्येष्टि के लिए 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा प्रचार- प्रसार कराया जाए, ताकि मजदूर पंजीकरण कराएं।
सर्किट हाउस में समीक्षा करते हुए बताया गया कि अब तक 84,754 मजदूरों का पंजीकरण हो चुका है और 1254 प्रतिष्ठान पंजीकृत हैं। उपकर के रूप में विभाग के पास 45.52 करोड़ रुपये हैं। पंजीकृत निर्माण श्रमिकों में से 20,179 श्रमिकों को 14.65 करोड़ रुपये से लाभान्वित किया जा चुका है। मातृत्व हित लाभ, निर्माण कामगार बालिका मदद योजना, संत रविदास शिक्षा सहायता योजना, मेधावी छात्र पुरस्कार, साइकिल सहायता, कन्या विवाह सहायता योजना, सौर ऊर्जा, अक्षमता पेंशन, चिकित्सा सहायता, मृत्यु एवं अंत्येष्टि सहायता योजना और दुर्घटना सहायता योजना के अंतर्गत लाभान्वित किए गए श्रमिकाें के बारे में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने निर्देश दिए कि शासन द्वारा चलाई जा रहीं श्रमिकों के हित की योजनाओं से श्रमिकों को लाभान्वित करने के लिए अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन कराएं, जिससे श्रमिकों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके। इस मौके पर उपश्रमायुक्त रचना केसरवानी, श्रम प्रवर्तन अधिकारी आशीष कुमार अवस्थी, नीलम, आरके चतुर्वेदी मौजूद रहे।
श्रमिकों के पंजीकरण की पात्रता
झांसी। ऐसे सभी निर्माण श्रमिक जिनकी आयु 18 से 60 वर्ष है और जिन्होंने पिछले 12 महीने में 90 दिन तक निर्माण श्रमिक के रूप में कार्य किया हो। श्रमिकों के पंजीकरण के लिए श्रम विभाग के जिला श्रम कार्यालय अथवा जनसेवा केंद्र पर पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए पंजीयन फार्म के साथ एक फोटो, आधार कार्ड और बैंक पास बुक की फोटोकॉपी के साथ 12 महीने में 90 दिप काम करने का प्रमाण पत्र के साथ 20 रुपये पंजीकरण फीस और 20 रुपये एक साल के अंशदान के साथ पंजीकरण करा सकते हैं। निर्माण श्रमिक एक साल में तीन वर्ष का अंशदान 60 रुपये जमा कर सकते हैं।