अग्निकांड के बाद कार्यवाहक प्राचार्य के पद से हटाकर डीजीएमई संबद्ध किए गए
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में अग्निकांड की घटना के बाद कार्यवाहक प्रधानाचार्य के पद से हटाए गए डॉ. एनएस सेंगर बृहस्पतिवार को रिलीव नहीं हो पाए क्योंकि शासन से आदेश नहीं आ पाया। दिनभर शासन के आदेश का इंतजार होता रहा।
मेडिकल कॉलेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा केंद्र में 15 नवंबर को आग लगने से 10 नवजातों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई थी। इसके बाद, एक-एक कर और आठ शिशुओं की भी मौत हो गई। शासन स्तर से कराई गई जांच के बाद कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ. एनएस सेंगर को पद से हटाते हुए चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय (डीजीएमई) से संबद्ध कर दिया गया। बृहस्पतिवार को वह शासन के आदेश का इंतजार करते रहे मगर देर शाम तक कोई आदेश न आ पाने से वे रिलीव नहीं हो पाए।
आयोग से चयनित की तैनाती संभव, तबादला भी हो सकता
अग्निकांड की घटना के बाद मेडिकल कॉलेज में आयोग से चयनित प्रधानाचार्य की तैनाती हो सकती है। किसी कॉलेज में तैनात नियमित प्रधानाचार्य को भी झांसी मेडिकल कॉलेज की जिम्मेदारी दी जा सकती है। झांसी के ही नजदीकी मेडिकल कॉलेज के एक प्रधानाचार्य का नाम भी काफी चर्चा में रहा।