झांसी। विधानसभा चुनावों के लिए आचार संहिता लगने से एक बार फिर केन-बेतवा लिंक परियोजना अटक गई। सरकार को इस परियोजना के लिए गजट जारी करने का मौका नहीं मिला। सिंचाई अफसरों का कहना है अब आचार संहिता खत्म होने के बाद ही इसका काम आगे बढ़ सकेगा।
बुंदेलखंड की सर्वाधिक महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजना केन-बेतवा लिंक परियोजना की पहली रुपरेखा 2002 में तैयार हुई थी। इसके बाद उप्र एवं मप्र सरकार के बीच जल बंटवारे पर सहमति न होने से यह मामला 19 साल तक अटका रहा। केंद्र सरकार के दखल के बाद पिछले साल दोनों राज्य समझौते की मेज तक पहुंचे। काफी कोशिश के बाद मार्च 2021 में उप्र एवं मप्र जल बंटवारे पर राजी हुए। दोनों राज्यों की सहमति जताने के बाद दूसरी अन्य औपचारिकताएं भी जल्दी-जल्दी पूरी की गई। आठ दिसंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद संभावना जताई जा रही थी कि उप्र विधानसभा चुनावों से पहले चुनावी माइलेज के लिहाज से इसका शिलान्यास झांसी में कराया जाएगा। सिर्फ एक औपचरिकता के तौर पर गजट होना बाकी था। इधर, कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों को देखते हुए वर्चुअल शिलान्यास की तैयारी थी, लेकिन आचार संहिता लगते ही इस पर भी पानी फिर गया। सिंचाई अभियंताओं का कहना है कि यह केंद्र सरकार का प्रोजेक्ट है। आचार संहिता खत्म होने के बाद ही कार्य आगे बढ़ेगा।