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केन-बेतवा गठजोड़ वरीयता पर

Sat, 11 Mar 2017 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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केन-बेतवा गठजोड़ वरीयता पर - फोटो : demo
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केंद्रीय जल आयोग ने केन-बेतवा लिंक नहर परियोजना सहित देश की तीन प्रमुख परियोजनाओं को वरीयता पर रखा है। वरीयता क्रम में केन-बेतवा गठजोड़ पहले नंबर पर है। इस परियोजना की पुनरीक्षित राशि 18 हजार 57 करोड़ तय की गई है। इस परियोजना को पन्ना रिजर्व में फोरेस्ट क्लीयरेंस मिलना बाकी रह गया है। चूंकि, यह क्लीयरेंस भारत सरकार को देना है। इससे यह बाधा भी दूर जल्द होने की उम्मीद है।
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नई दिल्ली में दो दिन पहले केंद्रीय जल आयोग आयुक्त की अध्यक्षता में देश भर की नदी जोड़ों परियोजनाओं पर बैठक हुईं, जिसमें केन-बेतवा नदी गठजोड़ समेत तीन परियोजना को वरीयता में पूरा करने का निर्णय लिया गया। इसमें भी केन-बेतवा गठजोड़ को सबसे ऊपर रखा गया। बैठक में केन-बेतवा से जुड़े उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अधिकारी मौजूद थे। उत्तर प्रदेश की ओर से सिंचाई विभाग के सचिव शंभूनाथ सिंह, प्रमुख अभियंता (परियोजना) लखन लाल गुप्ता और अधीक्षण अभियंता चतुर्थ मंडल झांसी डिवीजन आरपी देशमुख शामिल थे। 2008 में इस परियोजना की लागत 9393 करोड़ आंकी गई थी, अब यह राशि 18 हजार 57 करोड़ पर पहुंच गई है।
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2008 में घोषित हुई थी राष्ट्रीय परियोजना 
भारत सरकार ने वर्ष 2008 में केन-बेतवा लिंक परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया था। बाद में इसे प्रधानमंत्री के पैकेज में शामिल कर लिया गया। लिंक नहर की लंबाई 221 किलोमीटर होगी। केन नदी से आने वाले पानी को रोकने के लिए खजुराहो के निकट दौधन बांध बनेगा। इस पर 78 मेगावाट क्षमता की दो विद्युत उत्पादन इकाइयां स्थापित होंगी। यहां से पानी बरुआसागर झील में मिलने के बाद बेतवा नदी में पहुंचेगा।
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परियोजना से यह होंगे लाभ
परियोजना से मध्यप्रदेश के छतरपुर, टीकमगढ़ एवं पन्ना जिले की 3,69,881 हेक्टेअर तथा उत्तर प्रदेश के महोबा, बांदा व झांसी जिले की 2,65,780 हेक्टेअर भूमि सिंचित होगी। इसमें झांसी जिले की 6,35,661 हेक्टेअर कृषि भूमि शामिल है। परियोजना के मार्ग में पड़ने वाली 13.42 लाख जनसंख्या को 49 मिलियन क्यूबिक मीटर पेयजल भी उपलब्ध होगा।
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