बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति राम नाईक ने मेधावी छात्र-छात्राओं को पदक बांटे। उन्होंने मेधावियों को सफलता के चार मंत्र ‘मुस्कुराते रहो, अच्छे काम की सराहना करो, किसी की अवमानना मत करो, अच्छा करने का प्रयास करो’ भी बताए।
दीक्षांत समारोह में बांटे गए पदकों में छात्राओं का जलवा रहा। 30 में 25 छात्राओं और सिर्फ पांच छात्रों को कुलाधिपति पदक मिले। कुलाधिपति ने कहा कि प्रदेश के दीक्षांत समारोह में अब तक 70,698 उपाधियां बांटी जा चुकी हैं, इनमें 35,928 छात्र और 34,770 छात्राएं हैं। लोकसभा, राज्यसभा में महिलाओं को आरक्षण देने की मांग चल रही है, वह इसके हितैषी भी हैं। मगर छात्राओं ने सदन के बाहर ही खुद को साबित कर दिया है। शिक्षा क्षेत्र में महिलाओं की प्रगति दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि जब वह यूपी के राज्यपाल बने तो प्रदेश में परीक्षाएं और दीक्षांत समारोह समय से नहीं होते थे। समय पर इनको कराने के लिए उन्होंने कुलपतियों को निर्देश दिया, अब व्यवस्था पटरी पर आ गई है।
इस दौरान मेयर किरण वर्मा, विधायक रवि शर्मा, पूर्व मंत्री हरगोविंद कुशवाहा, डॉ. एनएस सेंगर, कुलसचिव वीएन सिंह, प्रो. सुनील काबिया, डॉ. यशोधरा शर्मा, इंजी. राहुल शुक्ला, डॉ. सुनील त्रिवेदी, डॉ. अंकित श्रीवास्तव, डॉ. धीरेंद्र यादव, डॉ. पुष्पा गौतम, अनिल बोहरे, विवेक अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
इनको मिले पदक
महजबी हाशमी को स्वर्ण समेत चार पदक मिले। इसके अलावा महजबी खान, नीलम श्रीवास्तव, मोहन सिंह, सौन्दर्या श्रीवास्तव, पूजा यादव, श्रुति श्रीवास्तव, शुभांगी कालुन्द्रेकर, रिचा बांगर, अभिषेक कुमार व्यास को कुलाधिपति रजत पदक मिला। प्रगति बरसैंया, मंजुल गुप्ता, खुशबू, गौरव सिंह, सृष्टि गुप्ता, आकांक्षा, पूजा यादव, शुमरा अंसारी, दिव्या शुक्ला, प्रियंका देवी, पूजा अग्रवाल, नैंसी अग्रवाल, उजमा सिद्दीकी, अनुज कुमार शुक्ला, वैशाली गुप्ता, रितु मीना, निधि सिंह को कुलाधिपति कांस्य पदक मिला।