कबाब, बिरियानी और तंदूरी चिकिन भी गायब
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बिना लाइसेंस के अवैध तरीके से मांस की दुकानों पर कार्रवाई का असर मांसाहारी भोजन की बिक्री पर पड़ा है। मांसाहार परोसने वाले होटल और रेस्टोरेंटों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित है। कबाब, बिरियानी और तंदूरी चिकन सहित अन्य मांसाहार का स्वाद लोग नहीं ले पा रहे हैं।
शहर में छोटे- बड़े सत्तर से अस्सी मांसाहारी होटल हैं। इसमें से बीस से अधिक होटल शहर क्षेत्र, सैंयर गेट, दस होटल सीपरी बाजार, आठ से दस होटल प्रेमनगर, दस होटल इलाइट चौराहा के आसपास, बस स्टैंड के आसपास दस और दस होटल मेडिकल कालेज के आसपास हैं। बिना लाइसेंस मांस बेचने वालों द्वारा कारोबार बंद कर दिए जाने से मांसाहारी होटलों पर असर पड़ा है। होटलों में कबाब, चिकन, बिरयानी, मटन समेत मांसाहारी भोजन बहुत कम मिल रहा है। कुछ में तो कारोबार ठप है।
शाकाहार बनाएंगे
मांस की दुकानें बंद हैं। इस कारण मांसाहार नहीं बना पा रहे हैं। ग्राहक निराश होकर लौट जाते हैं। हर दिन एक हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। कारीगरों और कर्मचारियों को पगार देनी ही पड़ती है। अब शाकाहार ही बनाएंगे।
- हरजिंदर सिंह
पंजाबी ढाबा, चित्रा चौराहा
असमंजस से परेशानी
मीट को लेकर बड़ा असमंजस फैला है। कोई भैंसा मीट की बात कर रहा है तो कोई मुर्गा और बकरे के मीट पर प्रतिबंध की बात कर रहा है। इस कारण होटलों को मांस नहीं मिल पा रहा है और उनका नुकसान हो रहा है। यही स्थिति रही तो होटल संचालकों को बहुत नुकसान होगा। जिला प्रशासन को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए।
- नब्बन अब्बासी
मुस्लिम होटल, सैंयर गेट