चिरगांव। रामनगर रोड पर स्थित श्रीपार्श्वनाथ दिगंबर जैन समवशरण मंदिर में बेदी प्रतिष्ठा समारोह के तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को कलश यात्रा के साथ ही जैन मुनि विलोक सागर के निर्देशन में जिन प्रतिमाओं को नगर में लाया गया। बाद में मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पात्रों के चयन के साथ ही भगवान का अभिषेक किया गया।
जैन मुनि ने अपने संबोधन में कहा कि सच्चे मन से अगर किसी भावना को भाया जाता है, तो वह अवश्य ही पूर्ण हेाती है। जिसका उदाहरण यह समवशरण जिन मंदिर है। जहां पर उनके पांच मिनट के प्रवेश के बाद लोगों की ऐसी भावना बनी कि आज एक नहीं दस -दस जिनबिंब यहां पर विराजमान हो रहे हैं। उनका कहना था कि दो माह पूर्व ही चिरगांव में समवशरण महामंडल विधान हुआ था। जिसका परिणाम यह निकला कि यहां पर समवशरण मंदिर ही बन गया। यह सब लोगों की श्रद्धा एवं भक्ति का परिणाम है।
इसके पूर्व बेदी प्रतिष्ठा समारोह के अंतर्गत सौधर्म इंद्र- विजय कुमार नायक, कुबेर- मुकेश कुमार नायक, महायज्ञ नायक -संजय नायक, चक्रवर्ती-ज्ञान चंद जैन सरसेंड़ा, ईशान इंद्र- कैलाश चंद जैन बघैरा, सनत -निर्मल कुमार जैन, माहिंद्र -रमेश चंद जैन सरसेंड़ा के साथ ही अन्य पात्रों का चयन किया गया। कार्यक्रम का संचालन विधानाचार्य ब्रहमचर्य नवीन भैया जबलपुर ने किया। इस अवसर पर ब्रहचर्य संजय भैया, पंचम लाल अमरा, जिनेंद्र खजांची, राकेश जैन नायक, बसंत बैद्य, सतीश रमपुरा, महेंद्र कुमार जैन क्षेत्रीय वन अधिकारी चिरगांव, महेंद्र खजांची, अनिल खजांची, सोमिल जैन, टिंकू जैन, प्रिंस जैन, मोनू जैन, शानू जैन मौजूद रहे।