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बुर वक्त में नजर नहीं आ रहे माननीय

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झांसी। हाल ही में संपन्न हुए पंचायत चुनाव में सभी राजनैतिक दलों के नेताओं ने गांव-गांव में घूम-घूमकर अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार किया। जनता से उनके हर दुख-दर्द में साथ निभाने के खुले मंचों से वादे और दावे किए, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण की आपदा के इस दौर में नेताजी नजर नहीं आ रहे हैं। मरीज दवा, इंजेक्शन व अस्पताल में भर्ती होने के लिए तड़प रहे हैं। लेकिन, अब माननीय सुध नहीं ले रहे हैं। ये स्थिति किसी एक दल की नहीं, बल्कि सभी पार्टियों के ज्यादातर नेताओं की है।
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पंचायत चुनाव के दरम्यान सभी राजनैतिक दलों के नेता गांवों में डेरा डाले रहे। वोटों की खातिर मतदाताओं के घर-घर जाकर दस्तक दी। अपने दल के प्रत्याशी के पक्ष में हवा बनाने के लिए गांव के विकास के साथ-साथ मतदाताओं की व्यक्तिगत समस्याओं के समाधान का भी भरोसा दिया। लेकिन, चुनाव के बाद ज्यादातर नेताओं के वादे हवा हवाई ही साबित हुए हैं। जनता कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रही है। चुनाव के बाद ये महामारी ग्रामीण इलाकों में भी तेजी से सक्रिय हुई है। बावजूद, दुख-दर्द में साथ निभाने का दंभ भरने वाले नेता नजर नहीं आ रहे हैं। लोगों को दवाओं की जरूरत है। ऑक्सीजन उन्हें मिल नहीं पा रही है। हालत गंभीर होने के बाद अस्पताल में दाखिल होने के लिए दिन-दिन भर मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। इन हालातों में कइयों की सांसें भी थम रही हैं। बावजूद, उनकी पीड़ा पर मरहम लगाने वाला कोई नजर नहीं आ रहा है।
ये बोली जनता
विपक्षी दल साधन संपन्न है। पार्टियों के फंड में करोड़ों - अरबों रुपये जमा हैं। ये पैसा पब्लिक का है और पब्लिक के काम आना चाहिए। विपक्षी नेताओं को आगे आकर मदद करनी चाहिए।
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- विशाल
हर व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से किसी न किसी राजनीतिक दल से जुड़ा है। आम आदमी अपने नेता के लिए आपस में भिड़ जाते हैं, लेकिन अब नेता मदद को आगे नहीं आ रहे हैं।
- राकेश नायक
नेताओं के पास पैसों की कमी नहीं है। वे चाहें तो वेंटिलेटर, एंबुलेंस जैसी व्यवस्था कर सकते हैं। इस महामारी के दौर में लगता है कि उनके जज्बात मर गए हैं।
- शुभम सोनी
चुनाव में नेता लाखों रुपये फूंक देते हैं। यदि वे चुनाव में खर्च की जाने वाली रकम अभी खर्च करें तो चुनाव में पैसा नहीं खर्च कराना होगा। लेकिन, वे अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़े हैं।
- जुल्फिकार
कृभको की ओर से दो ऑक्सीजन प्लांट तैयार कराए जा रहे हैं। एक सप्ताह के भीतर उत्पादन शुरू हो जाएगा। झांसी को प्राथमिकता के आधार पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाएगी। अभी जो भी मदद मांगता है, मदद करने की पूरी कोशिश की जाती है। दिन भर लोगों से संवाद बना रहता है।
- डा. चंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व सांसद
चौबीस घंटे जनता के लिए समर्पित हैं। सुबह से लेकर देर रात तक किसी को अस्पताल में भर्ती कराते हैं, तो किसी के लिए प्लाज्मा की व्यवस्था करते हैं। जनता और प्रशासन के बीच सेतु का काम कर रहे हैं। ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराने में प्रशासन की मदद कर रहे हैं।
- प्रदीप जैन, पूर्व केंद्रीय मंत्री
जिसकी जो भी मदद कर पा रहे हैं, कर रहे हैं। लोगों को घर में रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, ताकि संक्रमण के दायरे में आने से बचे रहें। आम जनमानस की समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखी जाती हैं। 24 घंटे जनता के लिए उपलब्ध हैं।
- राजू राजगढ़, जिलाध्यक्ष - बसपा
आपदा के इस दौर में भाजपा के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता जनता की सेवा में जुटे हुए हैं। लोगों के इलाज का प्रबंध किया जा रहा है। अस्पतालों में दाखिल कराया जा रहा है। इसके अलावा जो मदद बन पड़ रही है, लगातार की जा रही है। जनता की मदद के लिए पूरी पार्टी तत्पर है।
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- मुकेश मिश्रा, महानगर अध्यक्ष
भाजपा
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