एससी/एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में सोमवार को दलितों ने बसपा कार्यकर्ताओं और अन्य संगठनों के साथ मिलकर कचहरी चौराहे पर दो घंटे तक जाम लगाए रखा। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आसपास की दुकानों को भी बंद करवा दिया। वहीं, दो घंटे में दो-दो किलोमीटर तक वाहन खड़े हो गए। जाम खुलने के एक घंटे बाद यातायात सामान्य स्थिति में पहुंच सका।
पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में संशोधन को लेकर अपना फैसला सुनाया था, जिसका कई दलों ने विरोध किया था। जानकारों का मानना है कि इस फैसले से एससी/एसटी एक्ट के प्रावधान कमजोर हो जाएंगे। इसके विरोध में दलित संगठनों ने सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया था। सोमवार की सुबह साढ़े नौ बजे दलित संगठनों ने कचहरी चौराहे पर प्रदर्शन कर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने चौराहे के सभी रास्तों पर वाहन खड़ेे कर दिए, जिससे कोई गाड़ी जाम के बीच से नहीं निकल सकें। चौराहे के आसपास खुलीं दुकानों को भी बंद करा दिया। प्रदर्शन में बहुजन समाज पार्टी, एससी/एसटी रेलवे इंप्लाइज एसोसिएशन, डास्फी, बहुजन सशक्तीकरण संघ, संबंधित अधिवक्ता समेत कई संगठनों के लोग शामिल थे। समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता भी कुछ समय के लिए प्रतिपाल सिंह के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन में समर्थन देने पहुंचे। पुलिस ने जाम खुलवाने का कई बार प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। दोपहर डेढ़ बजे प्रदर्शनकारियों ने खुद ही जाम खोल दिया।
प्रदर्शन में बसपा के लोकसभा प्रभारी जुगल किशोर कुशवाहा, जिलाध्यक्ष रामबाबू चिरगैंया, चंद्रभान आदिम, महेश रिछारिया, संतोष राज वर्मा, रविकांत मौर्य शामिल थे।