फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बस एक ‘फाल्ट’ छीन लेता है चैन

Fri, 08 Apr 2016 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
electricity department, jhansi news - फोटो : demopic
विज्ञापन
झांसी। केंद्र सरकार ने महानगर की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए भले ही 237 करोड़ रुपये दिए हों, मगर यहां काम कर रही कंपनी की लापरवाही व अफसरों की अनदेखी के कारण मुन्नालाल सब स्टेशन की विद्युत आपूर्ति में दो साल बाद भी सुधार नहीं हो सका है। गर्मियां शुरू होते ही इस सब स्टेशन की 33 केवी लाइन में एक सप्ताह के अंदर तीन बार फॉल्ट आ चुका है, इससे संबंधित क्षेत्रों की बिजली घंटों गुल रही। बिजली जाने का दंश एक लाख से अधिक आबादी को भुगतना पड़ा।
विज्ञापन


हंसारी पावर हाउस से आने वाली सप्लाई को अलग-अलग 33 केवी लाइनों की मदद से महानगर में बने तेरह विद्युत सब स्टेशन के माध्यम से उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाता है। इनमें मुन्नालाल सब स्टेशन से सबसे अधिक बीस हजार उपभोक्ता जुड़े हैं। इस सब स्टेशन पर रखे 25 एमवीए क्षमता के चार ट्रांसफार्मरों से ग्यारह फीडर जुड़े हैं। सब स्टेशन से शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों के अलावा वीआईपी इलाके, सर्किट हाउस, विकास भवन समेत कई महत्वपूर्ण विभाग, डीएम समेत कई अफसरों के बंगले, तीन पानी की टंकियां जुड़ी हुई हैं। अगर कहा जाए कि शहर की आधी आबादी इस सब स्टेशन से जुड़ी है तो यह गलत नहीं होगा।

इसके बाद भी मुन्नालाल सब स्टेशन की विद्युत आपूर्ति का सबसे बुरा हाल बना हुआ है। दरअसल, हंसारी से आने वाली 33 केवीए की विद्युत लाइन पुलिया नंबर नौ, प्रेमनगर आदि क्षेत्रों व जंगल से तकरीबन 21.5 किलोमीटर की दूरी तय कर मुन्नालाल सब स्टेशन तक पहुंचती है। ऐसे में लाइन में फॉल्ट आने पर उसे तलाशने में चार से छह घंटे लग जाते हैं। चूंकि, यह लाइन 40 साल पुरानी हो चुकी है, इस कारण तार भी जर्जर हो चुके हैं। गर्मियों में यह समस्या और विकराल हो जाती है।
विज्ञापन


आए दिन फॉल्ट की समस्या को देखते हुए विभाग ने मार्च- 2010 में हंसारी से मुन्नालाल तक दूसरी विद्युत लाइन बिछाने की योजना तैयार की थी। मगर, आज तक यह योजना साकार नहीं हो सकी है। दो साल पहले 237 करोड़ की स्काडा योजना के अंतर्गत काम शुरू किया गया, मगर कंपनी अधिकारियों व विभागीय अफसरों की अनदेखी के कारण नई लाइन में अभी तक खंभे लगने का काम ही अस्सी फीसदी जगह पर पूरा हो सका है।


यह है नई योजना
नई विद्युत लाइन को हंसारी से एमईएस फीडर तक आने वाली लाइन के सहारे इलाहाबाद बैंक चौराहे तक लाया जाना है। यहां से लाइन स्टेशन मार्ग, प्रकाश होटल, चंद्रशेखर आजाद तिराहा, हाइडिल व ग्वालियर रोड होती हुई मुन्नालाल पॉवर हाउस पहुंचेगी। इसमें सबसे बड़ी सहूलियत यह है कि सड़क किनारे से लाइन आने के कारण फॉल्ट तलाशने में भी ज्यादा समय नहीं लगेगा और हंसारी से सब स्टेशन की दूरी मात्र 7.8 किलोमीटर रह जाएगी।

पुरानी लाइन को दुरुस्त करने की बनी रणनीति
अधिशासी अभियंता (प्रथम) पीके सागर ने बताया कि नई लाइन के रास्ते में पड़ने वाले सेना क्षेत्र व रेलवे क्रॉसिंग में कुछ अड़चनें आ रही हैं, जिसके चलते काम रुका है। दोनों विभागों से परमीशन मिलने पर ही काम शुरू हो सकेगा। स्थिति को सुधारने के लिए शनिवार से पुरानी 33 केवी लाइन को दुरुस्त करने का काम शुरू होगा। इसमे जो तार बहुत ज्यादा पुराने हो गए हैं व लूज जंफरों को बदलने का काम होगा। इसे एक सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। हालांकि, इस बीच उपभोक्ताओं को दिन के समय कटौती का सामना करना पड़ेगा।

यह क्षेत्र जुड़े हैं
मुन्नालाल सब स्टेशन से निकले ग्यारह फीडरों से मिशन कंपाउंड, बंसल कॉलोनी, सिद्धेश्वर नगर, इंद्रपुरी कॉलोनी, अंदर-बाहर दतिया गेट, नई बस्ती, राई का ताजिया, अलीगोल, मुकरयाना, गंधीगर का टपरा, सर्राफा बाजार, गोला कुआं, पंचकुइयां, खंडेराव गेट, तहसील, बाबूलाल कारखाना, आशिक चौराहा, बीकेडी आदि क्षेत्र जुड़े हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें