झांसी। मेडिकल कालेज में शुक्रवार को फिर तीमारदारों व डाक्टर्स में झगड़ा हुआ। पहले डाक्टरों के साथ हाथापाई की गई, बाद में चिकित्सकों ने तीमारदारों को दौड़ा- दौड़ा कर पीटा। बाद में घटना से गुस्साए चिकित्सकों ने इमरजेंसी वार्ड के गेट बंद कर उपचार बंद कर दिया। तमाम रोगियों को इमरजेंसी से बाहर कर दिया गया। सूचना पर कालेज प्राचार्य, सीएमएस व पुलिस मौके पर पहुंची। जूनियर डाक्टर्स ने साथी महिला व पुरुष डाक्टर से मारपीट व तोड़फोड़ की शिकायत नवाबाद थाने पर की है।
गुरसरांय थानांतर्गत कटरा निवासी छिद्दी की पत्नी हमीदन का गुर्दे में खराबी की वजह से वार्ड नंबर आठ के आईसीयू में उपचार चल रहा है। उसकी देखरेख के लिए देवरानी शमा व रईसा बैठे हुए थे। अन्य तीमारदार बाहर थे। अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे हमीदन को देखने के लिए हरी शर्ट पहने एक युवक आया। इस बीच डाक्टर वैशाली आईसीयू में आईं तो उक्त युवक ने उपचार में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए उनसे अभद्रता करना शुरू कर दी। आरोप है कि इस बीच मौके पर पहुंचे डा. राहुल व डा. वसीम ने जब युवक का विरोध किया तो उसने अन्य साथियों के साथ मिलकर डाक्टर्स से हाथापाई करते हुए तोड़फोड़ कर दी, जिससे आईसीयू के गेट का शीशा टूटकर चकनाचूर हो गया।
शोरशराबा होने पर अन्य वार्ड से डाक्टर एकजुट होकर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तीमारदारों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। विवाद होने की सूचना मिलते ही इमरजेंसी वार्ड में उपचार कर रहे डाक्टर्स में आक्रोश फैल गया। उन्होंने तत्काल मुख्य गेट बंद करके उपचार करना बंद कर दिया। इसके बाद तमाम रोगियों व तीमारदारों को इमरजेंसी से बाहर कर दिया गया। सूचना मिलने पर कालेज के प्राचार्य डा. एके मल्होत्रा, सीएमएस डा. हरीशचंद्र आर्या व थाना नवाबाद का फोर्स मौके पर पहुंच गया। पूछताछ के दौरान बीमार हमीदन के परिजनों का कहना था कि जिस युवक ने डाक्टर्स से अभद्रता व तोड़फोड़ की है, उसको वह नहीं जानते हैं।
बाद में उचित कार्रवाई के आश्वासन पर डाक्टर्स का गुस्सा शांत हुआ। थानाध्यक्ष ने बताया कि देर शाम चिकित्सकों कीओर से तीमारदारों द्वारा मारपीट करके तोड़फोड़ करने की शिकायत की गई है।
मौत से जूझ रही महिला का बेटा व बेटी घायल
डाक्टर्स की पिटाई से मौत से जूझ रही हमीदन का पुत्र पप्पू और बेटी शकीला चुटैल हो गए। परिजनों ने बताया कि पप्पू की हड्डी में चोट आई है जबकि शकीला के काफी खून बहा है। विवाद को देख हमीदन ने हिम्मत कर झगड़े को रोकने का प्रयास किया मगर वह जमीन पर गिर पड़ीं। अन्य रोगियों के तीमारदारों ने उन्हें पलंग पर लिटाया।
नये रोगियों को अंदर आने से रोका था : डा. आर्या
सीएमएस डा. हरीशचंद्र आर्या ने बताया कि डाक्टर्स ने इमरजेंसी ठप नहीं की बल्कि दरवाजा बंद करके नये रोगियों को अंदर आने से रोका था। तीमारदारों को बाहर कर दिया गया था।