झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों द्वारा मरीज व उनके
परिजनों के साथ आए दिन की जाने वाली मारपीट की घटनाओं में बुधवार को एक और
घटना जुड़ गई। अपने पत्रकार साथी का उपचार कराने पहुंचे पत्रकार को
डॉक्टरों ने कमरे में बंधक बना कर पीटा।
मामले की शिकायत जिलाधिकारी व
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य से की गई तो वह पत्रकार की पिटाई की घटना से हतप्रभ
रह गए। पुलिस ने आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
बुधवार
को करीब डेढ़ बजे पर्चा बनवा कर अमर उजाला के पत्रकार प्रशांत शर्मा अपने
साथी मुकेश साहू को ईएनटी की ओपीडी में दिखाने के लिए पहुंचे। ओपीडी में
डा. जितेंद्र सिंह यादव की ड्यूटी थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं थे। ओपीडी
का समय दो बजे तक होता है। इसके अलावा भी जितने मरीजों के पर्चे बन जाते
हैं, उनको देखने के बाद ही डॉक्टर कुर्सी छोड़ता है। इस संबंध में जब मुख्य
चिकित्सा अधीक्षक डा. हरीशचंद्र आर्या को अवगत कराया गया तो उन्होंने डॉ.
जितेंद्र को ओपीडी में पहुंचने के निर्देश दिए। इस पर वह करीब पंद्रह मिनट
बाद तमतमाते हुए ओपीडी में आए और शिकायत करने पर नाराजगी जताते हुए
गालीगलौज शुरू कर दी। दोनों पत्रकारों ने जब अपनी बात कहने का प्रयास किया
तो जूनियर डॉक्टर मनीष पांडेय व अन्य दो जेआर की मदद से प्रशांत को कमरे
में खींच लेगए और दरवाजा बंद कर पीटना शुरू कर दिया।
पिटाई से प्रशांत के
शरीर पर कई जगह गुम चोटें आईं। इस दौरान उन्होंने जान से मारने व सरकारी
कामकाज में बाधा डालने की रिपोर्ट दर्ज करवा कर जेल भिजवाने की धमकी भी दी।
घटना की सूचना मिलने पर काफी संख्या में पत्रकार मौके पर पहुंच गए।
प्रधानाचार्य
डा. एनएन सेंगर से घटना की शिकायत किए जाने पर उन्होंने मामले की जांच के
लिए वरिष्ठ चिकित्सक डा. राजीव सिन्हा की अगुवाई में चार सदस्यीय कमेटी का
गठन कर दिया है। कमेटी में सीएमएस डा. हरीशचंद्र आर्या, डा. जेपी पुरोहित,
डा. डी नाथ शामिल हैं। पीड़ित का मेडिकल कराने के बाद नवाबाद पुलिस ने
तहरीर के आधार पर आरोपी डॉक्टर जितेंद्र सिंह यादव, डॉ. मनीष पांडेय व दो
अन्य डॉक्टरों के खिलाफ बंधक बनाकर मारपीट करने समेत कई गंभीर धाराओं में
मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे: डीएम
मामले की
शिकायत लेकर जब पत्रकार जिलाधिकारी अनुराग यादव के पास पहुंचे तो उन्होंने
कहा कि आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी हाल में
आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। पत्रकार के साथ ऐसी घटना का अंजाम देना बेहद
दुखद है।