झांसी। बुधवार को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें महज आधे घंटे में ही 20.33 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को हरी झंडी दे दी गई। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष को निविदाओं की मंजूरी के अधिकार के प्रस्ताव पर भी बैठक में मुहर लग गई। इस दौरान पंचायत की विभिन्न समितियों के गठन पर भी चर्चा हुई।
जिला पंचायत सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता अध्यक्ष प्रतिमा यादव ने की। दोपहर बारह बजे शुरू हुई बैठक में वित्तीय वर्ष 2015-16 के 6.91 करोड़ की लागत के अवशेष 55 निर्माण कार्यों का प्रस्ताव लाया गया, जिसे बोर्ड ने तत्काल मंजूरी दे दी। इसके बाद चालू वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए 13.42 करोड़ की लागत के 110 निर्माण कार्यों का प्रस्ताव आया, इसे भी बोर्ड ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
इसके अलावा बोर्ड ने जिला पंचायत में आने वाले निविदाओं की स्वीकृति का अधिकार अध्यक्ष को दिए जाने का प्रस्ताव भी सदन के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इसके बारे में बताया गया कि जिला पंचायत बोर्ड की बैठक विलंबित होने से निविदाओं की स्वीकृति नहीं हो पाती है, जिससे विकास कार्य शुरू नहीं हो पाते हैं। यह अधिकार अध्यक्ष को मिल जाने से विकास कार्यों में तेजी आएगी। इसे बैठक में मंजूरी दे दी गई। इसके अलावा जिला पंचायत की विभिन्न समितियों के गठन का अधिकार भी बोर्ड ने अध्यक्ष को दिया।
इस मौके पर सांसद जालौन भानू प्रताप वर्मा, विधायक रश्मि आर्या, जिला पंचायत सदस्य दीपेंद्र यादव, वीरेंद्र यादव, आलखंड, हेमंत सेठ, कल्पना सेठ, शिवेंद्र प्रताप सिंह, आलखंड, ब्लाक प्रमुख हेमलता आदि समेत सीडीओ चंद्र विजय सिंह, डीपीआरओ के के सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन अपर मुख्य अधिकारी कमलेश सिंह ने किया।
परिसर में रही गहमागहमी
बैठक के दौरान जिला पंचायत परिसर पंचायत परिसर में खासी गहमागहमी रही। कार्यालय परिसर में अध्यक्ष के समर्थकों का भारी जमावड़ा रहा। इस दौरान बंदूकधारी भी खूब नजर आए। बैठक के बाद भी तकरीबन दो घंटे तक यही स्थिति बनी रही। जबकि, बाहर सड़क पर वाहनों की कतार लगी ही। इससे आवागमन प्रभावित बना रहा।
गैर हाजिर सदस्य रहे चर्चा में
जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में समाजवादी पार्टी के ही कई सदस्य नहीं पहुंचे। इससे लोग गुटबाजी को हवा देते नजर आए। बैठक में सांसद डा. चंद्रपाल सिंह, विधायक दीपनारायण सिंह यादव समेत सपा से जुड़े कई जिला पंचायत सदस्य व ब्लाक प्रमुख उपस्थित नहीं हुए। इससे वहां चर्चाओं का बाजार गरम रहा।
विद्युत अफसर को जारी होगा नोटिस
बोर्ड की बैठक में कुछ सदस्यों ने ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली विभाग की समस्याएं भी उठाईं, जिनका जवाब विद्युत विभाग से मांगा गया, लेकिन वहां कोई विभाग का नुमाइंदा मौजूद नहीं था। इस पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने गहरा असंतोष जताया। उन्होंने इस लापरवाही पर विभाग को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।