झांसी। जिला पंचायत सदस्यों की तस्वीर साफ होते ही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर जोड़तोड़ शुरू हो गई। जिला पंचायत सदन में मजबूत दल के तौर पर भाजपा उभरी, लेकिन निर्दलियों के मजबूती को देखते हुए अध्यक्ष की कुर्सी तक पहुंचना किसी भी दल के लिए आसान नहीं होगा।
मंगलवार को जारी अंतिम परिणाम में भाजपा के खाते में नौ, सपा को चार, बसपा को तीन, कांग्रेस को एक और निर्दलियों को कुल सात सीटें हासिल हुई हैं। जिपं अध्यक्ष सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। जिला पंचायत की 24 सीटों में नौ सीट अनुसूचित जाति को आरक्षित थीं, लेकिन, कुल अनुसूचित जाति के 10 उम्मीदवार चुनकर आए हैं। अनुसूचित जाति को आरक्षित सीटों में भाजपा से बालकृष्ण, पवन कुमार, रजनी अहिरवार, लधुनीवाली, किरण देवी जीतीं, जबकि सपा से हेमंत सेठ एवं आशा, बसपा से जयपाल सिंह एवं रजनी ने निर्दलीय के तौर पर जीत हासिल की। अध्यक्ष की कुर्सी की दौड़ में भाजपा से पूर्व विधायक प्रयागीलाल की बहू रजनी और पवन गौतम को आगे माना जा रहा है। जबकि सपा से पूर्व विधायक रश्मि आर्या के देवर हेमंत सेठ का नाम मजबूती से लिया जा रहा। भाजपा अपने कोर वोटर कोरी समुदाय को संतुष्ट करने के लिए पवन पर दांव लगा सकती है, हालांकि अभी तक उसने अहिरवार वर्ग को संतुष्ट करने की कोशिश ही अधिक की है। जिपं सदस्यों के टिकट बंटवारे में उसने तीन टिकट इस वर्ग को दिए। पार्टी नेताओं का कहना है महिला होने के साथ इस वर्ग का होने से रजनी का पलड़ा फिलहाल भारी है। वहीं, बसपा के इस पूरे खेल से बाहर ही रहने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में मुकाबला भाजपा एवं सपा के बीच ही देखने को मिलेगा। जिस उम्मीदवार को टिकट मिलेगा, उसकी राह भी आसान नहीं होगी। उसे निर्दलियों को भी साधने की कोशिश करनी होगी। ऐसे में मनी पावर के इस्तेमाल से इंकार नहीं किया जा सकता।