झांसी। शनिवार को जिला पंचायत बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें विकास कार्यों के प्रस्ताव लाए गए। इसमें सांसदों व विधायकों के भी भारी भरकम प्रस्ताव शामिल किए गए। इस पर पंचायत सदस्य भड़क गए। उन्होंने कहा कि सांसदों व विधायकों के पास अपनी निधि होती है, जिससे वे काम करा सकते हैं। ऐसे में जिला पंचायत का बजट पंचायत सदस्यों के प्रस्तावों पर ही खर्च किया जाए। लंबी जद्दोजहद के बाद तय हुआ कि विधायक- सांसदों के सिर्फ बीस लाख रुपये तक के काम होंगे। बाकी बजट सदस्यों के प्रस्तावों पर ही खर्च किया जाएगा।
जिला पंचायत सभागार में हुई बैठक में सबसे ज्यादा बहस जनप्रतिनिधियों के प्रस्ताव शामिल करने को लेकर हुई। राज्य वित्त आयोग की कार्ययोजना में सांसदों व विधायकों के 21 प्रस्तावों को शामिल किया गया। इस पर ज्यादातर पंचायत सदस्यों ने ऐतराज जताया। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधि काम जिला पंचायत के बजट से कराते हैं, जबकि काम पूरा होने के बाद शिलापट अपने नाम का लगवाते हैं, उसमें जिला पंचायत का उल्लेख भी नहीं करते। इसके अलावा उनके पास अपनी निधि व अन्य योजनाएं भी होती हैं। ऐसे में जिला पंचायत का बजट सिर्फ सदस्यों के प्रस्तावों को पूरे करने में ही खर्च किया जाना चाहिए। हालांकि, इस दरम्यान सदस्यों को समझाने की तमाम कोशिशें की गईं, लेकिन वे नहीं माने। अंत में बीच का रास्ता निकालते हुए तय किया गया कि सांसदों और विधायकों के बीस लाख तक के प्रस्ताव ही शामिल किए जाएंगे। बाकी बजट सदस्यों द्वारा बताए गए विकास के कार्यों को पूरा करने में खर्च किया जाएगा।
अध्यक्ष ने कहा सबका साथ जरूरी
झांसी। सांसदों और विधायकों के प्रस्ताव को शामिल कराने के लिए बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता कर रही जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिमा यादव ने खूब समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि सबका साथ जरूरी होता है। वहीं, भाजपा के शिवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पहले भी प्रस्ताव शामिल किए जाते हैं, ये परंपरा रही है। इस बार शामिल करने में कोई हर्ज नहीं है। लेकिन, सदस्य नहीं माने।
जितनी आय, उतना होगा खर्च
झांसी। एक अप्रैल 2021 तक जिला पंचायत की अनुमानित आय 50.55 करोड़ होगी। इसमें से 14.54 बचत के होंगे। 18 करोड़ रुपये सरकारी अनुदान से हासिल होंगे। जबकि, 8.91 करोड़ रुपये ब्याज से हासिल होंगे। इसके अलावा 16.14 करोड़ रुपये की आय विभिन्न मदों से होगी। आय के सापेक्ष ही जिला पंचायत खर्च करेगी।
फिर मिलने के वादे के साथ हुई विदाई
झांसी। जिला पंचायत बोर्ड का कार्यकाल 13 जनवरी को खत्म हो रहा है। ऐसे में ये इस बोर्ड की आखिरी बैठक थी। बैठक की समाप्ति पर विदाई से पहले जिला पंचायत अध्यक्ष ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक बार फिर सभी चुनकर आएं। सभी ने तालियां बजाकर अभिवादन किया।
मनमाने ढंग से हो रही है वसूली
झांसी। बैठक के दौरान सदस्यों ने कहा कि खनन का परिवहन करने वाली गाड़ियों से राजस्व वसूले जाने में मनमानी हो रही है। निर्धारित स्थानों से कहीं ज्यादा जगहों पर वसूली की जाती है। इसे रोका जाना चाहिए। वहीं, कहा कि वैभव टैक्स के नाम पर छोटे-मोटे काम करने वालों से भी वसूली की जाती है। ये केवल बड़े प्रतिष्ठानों से ही लिया जाना चाहिए।
दो बार नहीं हो पाया था कोरम पूरा
झांसी। शनिवार को हुई जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में ज्यादातर सदस्य शामिल हुए। जबकि, इससे पहले कोरम के अभाव में दो बैठकों में कोई फैसला नहीं हो पाया था। शनिवार को हुई बैठक में विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, अनिल यादव भिटौरा, पवन यादव, वीरू यादव, मनीष वर्मा, बालकिशन, राजेंद्र अहिरवार, प्राण सिंह, चरण सिंह पटेल आदि शामिल हुए।
सीडीओ बोले मुझे बताएं, मदद होगी
झांसी। बैठक में कुछ सदस्यों ने कहा कि जिला पंचायत के कामों में कई स्थानों पर लोग बाधा पैदा करते हैं। इसकी शिकायत पंचायत से की जाती है और पंचायत प्रशासन को सूचना दे देता है। इससे काम विलंबित होते हैं। इसमें पुलिस की मदद मिलनी चाहिए। इस पर सीडीओ शैलेष कुमार ने कहा कि मुझे बताएं। जिलाधिकारी को सूचित किया जाएगा और पूरी मदद की जाएगी।