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Jhansi News: फिर बिगड़ने लगी झांसी की हवा, तीन दिन में ढाई गुना बढ़ा एक्यूआई

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झांसी। झांसी की हवा अब फिर बिगड़ने लगी है। स्थिति ये है कि तीन दिन में ही एक्यूआई ढाई गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है। सुबह और शाम को महानगर में धुंध नजर आ रही है। इसका एक बड़ा कारण जगह-जगह चल रहा निर्माण भी है, जिनकी रफ्तार बारिश के चलते सितंबर तक मंद पड़ी थी।
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दीपावली पर आतिशबाजी के चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक 200 के पार पहुंच गया था। हालांकि, दो दिन बाद बुधवार को यह घटकर 30 पर आ गया था। बृहस्पतिवार से इसमें फिर इजाफा शुरू हो गया और यह 82 से 89 के बीच बना हुआ है। शनिवार को झांसी का एक्यूआई 82 दर्ज किया गया।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. स्मृति त्रिपाठी ने बताया कि इसका मुख्य कारण तापीय इन्वर्शन है। सामान्य परिस्थितियों में वायुमंडल की हवा सतह से ऊपर की ओर गर्म होती है और ऊपर की ठंडी हवा के साथ मिलती-जुलती रहती है। इससे प्रदूषक उर्ध्वाधर रूप में फैल जाते हैं। मगर सर्दियों में दिन और रात के तापमान में काफी अंतर हो जाता है। इससे रात में सतह की हवा तेजी से ठंडी हो जाती है और ऊपर की हवा अपेक्षाकृत गर्म बनी रहती है। इसे ही तापीय इन्वर्शन कहते हैं। इस कारण हवा की परतें स्थिर हो जाती हैं और सतह के पास मौजूद प्रदूषक जैसे वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उठी धूल और औद्योगिक उत्सर्जन ऊपर नहीं उठ पाते। यही कारण है कि ठंडी हवा और स्थिर परत के बीच प्रदूषक फंस जाते हैं। फिर सतह के निकट उच्च सांद्रता में जम जाते हैं।
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इसके अलावा इस समय आर्द्रता भी बढ़ जाती है। सुबह और शाम की ठंडी हवा अधिक नमी रखती है। वायु में मौजूद सूक्ष्म कण पानी को अवशोषित कर लेते हैं। यह प्रक्रिया कणों के आकार को बढ़ा देती है और उन्हें अधिक स्थायी बनाती है। परिणामस्वरूप दृश्यता घटती है और हवा में स्मॉग जैसी स्थिति बन जाती है। यानी कोहरा और प्रदूषण का मिश्रण एक घनी, हानिकारक स्थिति पैदा करता है। इसे आम लोग केवल धुंध के रूप में महसूस करते हैं, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा होता है।
चल रहे ये दो प्रमुख कार्य
- पैरामेडिकल तिराहे पर भी फ्लाईओवर का निर्माण हो रहा है। बारिश के बाद काम में तेजी आई है। यहां भी हर समय धूल उड़ती रहती है।
- पाल कॉलोनी के पास ग्वालियर-शिवपुरी मार्ग पर फ्लाईओवर और टनल यानी सुरंग का निर्माण एक साथ चल रहा है। इससे भी काफी धूल उड़ रही है।

वर्जन..
रेन गन से लगातार छिड़काव कराया जा रहा है। अब ऐसे स्थान चिह्नित किए जाएंगे, जहां धूल ज्यादा उड़ती है। वहां रेन गन चलवाई जाएगी। - सत्य प्रकाश, नगर आयुक्त।
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