झांसी में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश की राज्यपाल ने प्राचीन संरक्षित इमारत बरुआसागर का किला और रघुनाथ राव महल को असंरक्षित घोषित कर दिया है। अब इन पुरातात्विक इमारतों को हेरिटेज होटल के रूप में विकसित किया जा सकेगा।
आठ दिसंबर 2022 में पुरातत्व परामर्शदात्री समिति की बैठक में बरुआसागर का किला और रघुनाथराव महल को असंरक्षित घोषित करने की संस्तुति की गई थी। जिसके आधार पर राज्यपाल ने एनिशएंट मानूमेंटस प्रिजर्वेशन एक्ट 1904 की धारा-3 के अधीन शक्तियों का प्रयोग कर दोनों ही इमारतों को असंरक्षित घोषित कर दिया है। जिसके तहत अब इन इमारतों को हेरिटेज होटल में तब्दील कर पीपीपी मॉडल पर संचालित किया जा सकेगा।
हालांकि संस्कृति विभाग द्वारा आपत्तियां मांगी गई हैं। आपत्तियों की समय सीमा एक माह तय की गई है। एक माह बाद आपत्तियों का निस्तारित कर फाइनल मुहर लगा दी जाएगी। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार यादव ने बताया कि दोनों ही इमारतों को असंरक्षित घोषित किया गया है। एक माह तक आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं।